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Chhattisgarh: सरगुजा के 90 गांवों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमराई, बारिश होते ही कटौती से परेशान लोग 

Surguja Power Cut: कहीं भी बिजली में फाल्ट या खराबी आती है, तो स्टाफ के कमी होने के कारण समय पर लाइन आपूर्ति बहाल नहीं हो पाती है. इस वजह से कई दिनों तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है.

Surguja News: बरसात के इस मौसम में सरगुजा जिले के उदयपुर ब्लॉक के 90 गांव के लोग बिजली व्यवस्था के चरमराई जाने से परेशान है. हैरानी की बात यह है कि ब्लॉक के 90 गांव के लिए एक नियमित लाइन मेन और 13 संविदा कर्मचारियों के भरोसे बिजली आपूर्ति की जा रही है. जबकि क्षेत्र के 11 फिटर में कम से कम 33 कर्मचारियों की जरूरत है. इधर स्टाफ के अभाव के कारण लंबे से आए दिन बिजली बाधित होती रहती है. जिससे लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

उदयपुर ब्लॉक के 90 गांव में बिजली व्यवस्था स्टाफ के आभाव में लंबे समय से चरमरा गई है. आए दिन बिजली के घंटे गोल होने के कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है. इन दिनों बारिश के कारण हर रोज बिजली आपूर्ति सही तरीके से नहीं हो रही है. जिसका कारण वर्षो से विकासखंड में विद्युत वितरण लाईन कर्मचारियों का आभाव हैं. ब्लॉक के इस बड़े क्षेत्र में 90 गांव के लिए एक नियमित लाईन मेन सहित 13 अन्य संविदा कर्मचारियों के भरोसे बिजली आपूर्ति की जिम्मेदारी है. जबकी 11 फिटर में कम से कम 33 कर्मचारी होना चाहिए था.

ऐसे में कहीं भी बिजली में फाल्ट या खराबी आती है, तो स्टाफ के कमी होने के कारण समय पर लाइन आपूर्ति बहाल नहीं हो पाती है. इस वजह से कई दिनों तक विद्युत आपूर्ति बाधित रहती है. इसका खामियाजा खास कर वन क्षेत्र के गांव के लोगों के ग्रामीणों के अलावा ब्लाक मुख्यालय के लोगों को भी भुगतना पड़ता है. बावजूद इसके लोगों को हो रही बिजली की समस्या को लेकर किसी प्रकार ध्यान नहीं दिया जा रहा है. ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि ब्लॉक में सिर्फ काम चलाउ व्यवस्था के तहत बिजली आपूर्ति पूरे क्षेत्र में किया जा रहा है.

बारिश होते ही गुल हो जाती है बिजली
उदयपुर ब्लॉक की बिजली व्यवस्था की हालत ऐसी है कि अगर आसमान में एक बार बादल छाए या बारिश हो जाए तो घंटों दिन हो या रात बिजली गोल हो जाती है. जब तक स्टाफ फाल्ट पकड़ते है और बनाते है तब तक कई घंटे हो जाते है. बारिश के दिनों में पेड़, डंगाल गिरने व खम्भा के झुकने टूटने, इंसुलेटर पंचर होने के कारण उदयपुर ब्लॉक में लगातार महीने भर बिजली गोल रहती है. स्टाफ की कमी होने के कारण लाईट फाल्ट बनाने में काफी समय लग जाता है.

विद्युत वितरण केन्द्र बना शो पीस
दस माह पूर्व में बिजली विभाग द्वारा खम्हरिया में नया विद्युत वितरण केंद्र की स्थापना की. नए विद्युत वितरण केन्द्र 20 गांवों के लिए ऑफिस किराए के मकान में खोला गया था. जहां जेई, बाबू, लाईन मेन, कम्प्यूटर ऑपरेटर सहित अन्य ऑफिस सुविधा उपलब्ध कराया जाना था. लेकिन वितरण केन्द्र खुले दस माह हो गए. परंतु आज तक एक भी स्टाफ पदस्थ नहीं किया गया. जिससे आज भी पुराने ढर्रे से ही उदयपुर ब्लाक मुख्यालय से संचालित होता है. विद्युत वितरण केंद्र में स्टाफ नहीं होने के कारण मात्र शो पीस बनकर रह गई है.

जेई एवं एक बाबू के भरोसे आफिस का संचालन
ब्लॉक मुख्यालय उदयपुर में बिजली विभाग का ऑफिस संचालित है जो काफी पुराना है. आफिस में जेई के अलावा एक बाबू एवं एक संविदा कम्प्यूटर ऑपरेटर हैं. जबकि कम से तीन बाबू होना चाहिए था. ऑफिस में ये चपरासी तक नहीं है. ऐसे में आफिस की पूरी जिम्मेदारी बाबू की है जो हर रोज ऑफिस खोल कर कार्यलय का साफ़ सफाई कर ऑफिस व्यवस्था का संचालन करता है. इसके बाद भी विभाग द्वारा स्टाफ नही बढ़ाया गया जो समझ से परे है.

समस्या से अधिकारियों को कराया गया है अवगत
उदयपुर जेई स्नेह टोप्पो ने बताया कि बारिश के कारण बिजली में फाल्ट आ रहा है. जिससे लाईट गोल हो रही है. स्टाफ की कमी है लेकिन जितने स्टाफ हैं उसी में काम चलाया जा है. क्षेत्र काफी बड़ा है अभी खम्हरिया वितरण केंद्र का सारा काम यही से संचालन होता है. कर्मचारियों के कमी सहित अन्य समस्याओं के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है.

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