Ambikapur: अंबिकापुर में बांध सूखने से गहराया जल संकट, डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव ने दिया ये बड़ा आदेश
Chhattisgarh News: मानसून के इस मौसम में छत्तीसगढ़ का एक ऐसा जिला जो अल्प वर्षा के कारण रेड जोन में है. यहां जल संकट की स्थिति ऐसी है कि दिन में केवल एक बार ही पानी सप्लाई हो रहा है.

Ambikapur News: छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) में बारिश के कारण कई नदी और नाले उफान पर हैं तो दूसरी तरफ सरगुजा (Surguja) के अम्बिकापुर शहर में जल संकट पैदा हो गया है. शहर से लगे बांकी बांध सूखने की कगार पर है और इसी जलाशय के पानी को फिल्टर कर शहर के पुराने टंकियों में भरा जाता है. जलाशय के सूखने के कारण शहर में दो पाली के बजाय सिर्फ एक पाली में ही पानी की सप्लाई हो रही है. इस मामले में संज्ञान लेते हुए प्रदेश के डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव (TS Singh Deo) ने अम्बिकापुर का दौरा किया और अधिकारियों संग जल संकट पर बैठक की.
डिप्टी सीएम ने बांकी जलाशय में युद्ध स्तर पर काम करने के भी निर्देश दिए हैं. नगर निगम, सिंचाई विभाग, पीएचई विभाग को समन्वय बनाकर 24 घंटे के भीतर काम शुरू करने कहा. उन्होंने डैम के अलग-अलग पॉकेट्स में जमा पानी को तकिया फिल्टर प्लांट तक लाने के लिए तत्काल पहल करने का निर्देश दिया है.
गागर से पानी लाने की योजना पर चल रहा काम
डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव ने बताया कि सिंचाई विभाग बलरामपुर जिले के गागर नदी से नहर के माध्यम से अम्बिकापुर तक पानी लाने की योजना पर काम कर रहा है. नहर के माध्यम से न सिर्फ अम्बिकापुर के लोगों को पीने का पानी मिलेगा, बल्कि रास्ते में पड़ने वाले गांव के खेतों को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा. डिप्टी सीएम ने कहा कि बांकी जलाशय में कम जल भराव से स्थिति चिंताजनक तो है लेकिन भयावह नहीं है. एक समय जलापूर्ति करने की वजह यह है कि डैम से फिल्टर प्लांट तक पानी का प्रेशर कम है. कम प्रेशर के चलते टंकी को पूरी तरह भरने में करीब 20 घंटे का समय लगता है.
अल्प वर्षा के कारण रेड जोन में है सरगुजा
कलेक्टर कुंदन कुमार ने कहा कि सरगुजा जिला अल्प वर्षा के चलते रेड जोन में है. असरगुजा जिले में बारिश की सबसे कमजोर स्थिति अम्बिकापुर, लुण्ड्रा, दरिमा विकासखण्ड में है. इसके अलावा अन्य विकासखण्ड सीतापुर, लखनपुर, उदयपुर, बतौली, मैनपाट की भी स्थिति चिंताजनक है. कलेक्टर कुंदन कुमार ने कहा कि जो 9 टंकिया है, जिसमें अभी भारी किल्लत हो रही है. क्योंकि तकिया फिल्टर प्लांट तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















