Chhattisgarh: 'पाकिस्तान जिसे पाल रहा वो...', सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल पर डिप्टी CM अरुण साव का बड़ा बयान
Chhattisgarh News: डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि कि 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारी नुकसान झेलने के बाद भी पाकिस्तान भ्रम फैलाने में जुटा है.अब केंद्र ने आतंकवाद का सच सामने लाने का फैसला लिया.

Chhattisgarh Latest News: भारत पाकिस्तान के बीच 10 मई को सीजफायर का ऐलान हो गया था, लेकिन 'ऑपरेशन सिंदूर' और आतंकवाद के सच को लेकर दोनों के बीच इंटरनेशनल पर तकरार जारी है. इस मामले पर अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 7 सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का शनिवार (17 मई) को ऐलान किया. अब छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रमुख साझेदार देशों का दौरा करने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल को लेकर बड़ा बयान दिया है.
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, "पहलगाम की घटना के बाद जिस तरह से भारत ने बड़ी बहादुरी के साथ पाकिस्तान में 100 किलोमीटर अंदर घुसकर आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की और फिर आतंकियों के जनाजे में पाकिस्तानी सेना, पुलिस, सैन्य अधिकारी और राजनेता शामिल हुए, उससे साफ है कि पाकिस्तान दुनिया के लिए खतरा बने आतंकियों को पाल रहा है, जो दुनिया के लिए खतरा है."
रायपुर, छत्तीसगढ़: उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, "पहलगाम की घटना के बाद जिस तरह भारत ने बहादुरी और रणनीतिक तरीके से पाकिस्तान में कई किलोमीटर अंदर जाकर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर ऑपरेशन चलाया और उसके बाद पाकिस्तान में जो दृश्य देखने को मिले, जिसमें पाकिस्तानी सेना, पुलिस,… pic.twitter.com/2InjBXUwNu
— IANS Hindi (@IANSKhabar) May 18, 2025
प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला सही- साव
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, "इसके बावजूद जिस तरह से पाकिस्तान ने भ्रम फैलाने की कोशिश की, उसकी हकीकत दुनिया के सामने आनी चाहिए. भारत सरकार का फैसला बहुत महत्वपूर्ण है.ताकि दुनिया को इन सब बातों के बारे में पता चले."
बता दें कि जम्मू के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया था. भारतीय सेना की इस कार्रवाई में पाकिस्तान को बहुत नुकसान हुआ. 10 मई को अचानक सीजफायर का भी ऐलान हो गया, जिसे पाकिस्तान अपनी जीत बता रहा है.
अब पाकिस्तान के इस रुख का जवाब देने के लिए भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समुदायों को आतंकवाद और ऑपरेशन सिंदूर का सच बताने का फैसला लिया है. दुनिया के सामने पूरा सच लाने के लिए केंद्र सरकार ने 7 अलग-अलग देशों में 7 प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला लिया. प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी तरीके से अपना पक्ष रखेंगे.
Source: IOCL





















