बस्तर का कायाकल्प करने में जुटी छत्तीसगढ़ सरकार, CM साय ने प्रधानमंत्री मोदी के सामने रखे ये प्रस्ताव
CM Vishnudev Sai: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने संसद भवन में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की. उन्होंने राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय राज्य के बस्तर के नवीनीकरण के लिए लगातार प्रयास कर रहे है. उन्होंने जिले के समग्र विकास का रोडमैप तैयार किया है जो कि प्रधानमंत्री के सामने रखा और राज्य की कई प्रमुख परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का भी आग्रह किया.
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मोदी के सामने तीन प्रमुख मांगों का रखा
उन्होंने ने सबसे पहले राजनांदगांव में प्रस्तावित 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को शीघ्र मंजूरी दी जाए. उन्होंने बताया कि इसके लिए भूमि उपलब्ध करा दी गई है और राज्य सरकार की सभी आवश्यक स्वीकृतियां भी पूरी हो चुकी हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना शुरू होने से किसानों को बड़ी सुविधा मिलेगी और औद्योगिक विकास को भी गति मिलेगी.
मुख्यमंत्री ने दूसरी मांग में इस बात का जिक्र कि जिन 461 गांवों में पहले सुरक्षा कारणों से बिजली का ग्रिड नहीं पहुंच पाया था और जहां फिलहाल ऑफ-ग्रिड बिजली व्यवस्था है, उन्होंने कहा कि स्थायी ग्रिड से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार से विशेष सहायता देने का आग्रह किया गया.
उन्होंने तीसरे सुझाव के जरिए रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की स्थापना का प्रस्ताव रखा. उन्होंने प्रधानमंत्री से अग्रह किया कि रायपुर अथवा बस्तर में इस संस्थान की स्थापना पर सकारात्मक पहल करने का भी अनुरोध किया.
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औद्योगिक विकास नीति के तहत राज्य में निवेश का प्रस्ताव- सीएम
बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में तेजी से बढ़ रहे निवेश की भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने के बाद राज्य को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में परियोजनाओं पर काम शुरू हो चुका है. उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार एआई डेटा सेंटर पार्क, सेमीकंडक्टर प्लांट, हाइपरस्केल डेटा सेंटर, ग्लोबल बीपीओ, गारमेंट और चॉकलेट मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा इंट्राऑक्यूलर लेंस निर्माण जैसे नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा निवेशकों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने के कारण छत्तीसगढ़ को नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स में नियामकीय और संस्थागत माहौल के लिए देश में पहला स्थान मिला है. उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026 लागू किया है. उन्होंने आगे कहा कि देश का पहला ऐसा कानून है जिसमें जोखिम आधारित नियामकीय व्यवस्था, सेल्फ सर्टिफिकेशन और समयबद्ध अनुमतियों को कानूनी रूप दिया गया है.
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में विकास कार्यों को नई गति मिली है. उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य के विकास से जुड़े इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर केंद्र सरकार का सकारात्मक सहयोग प्राप्त होगा.
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