समस्तीपुर मामले में क्यों घिरीं सांसद शांभवी चौधरी? तेजस्वी यादव खूब बोले
समस्तीपुर की घटना को लेकर तेजस्वी यादव ने सांसद शांभवी चौधरी पर आरोप लगाया है कि वे अप्रत्यक्ष रूप से आरोपियों को बचा रही हैं. तंज कसा है कि अशोक चौधरी और चिराग पासवान इन्हें सम्मानित करें.

समस्तीपुर में एक लड़की के साथ हुई छेड़खानी की घटना सामने आने के बाद इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. हालांकि इस मामले में अब सियासत शुरू हो गई है जिसका कारण आरोपियों की जाति है. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने समस्तीपुर की सांसद शांभवी चौधरी पर हमला किया है.
गुरुवार (24 सितंबर, 2026) को तेजस्वी यादव ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि लोजपा (रामविलास) से समस्तीपुर की महिला और कथित युवा सांसद शांभवी चौधरी ने अपने लोकसभा क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की से हुए यौन शोषण में शातिरपन और चालाकी का शर्मनाक प्रदर्शन करते हुए अपने फेसबुक पेज पर बिहार पुलिस की ओर से अभियुक्तों के नाम सहित जारी प्रेस रिलीज में से अपनी सहूलियत एवं सुविधानुसार आरोपियों का नाम काट कर पोस्ट किया है.
तेजस्वी ने कहा कि महिला सांसद ने ऐसा जानबूझकर किया है ताकि आरोपियों के नाम और जाति का दूसरों को पता ना लग सके. उन्होंने कहा कि अभियुक्तों की जाति इनके और इनकी पार्टी प्रमुख चिराग पासवान के राजनीतिक हित साधने में कोई बाधा उत्पन्न ना करे इसलिए सांसद ने दरिंदे गुंडों से सहानुभूति एवं अपमानपन जताते हुए नाम काट दिए.
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बदमाशों को बचा रही हैं: तेजस्वी
तेजस्वी यादव ने शांभवी चौधरी को घेरते हुए आरोप लगाया कि एक महिला सांसद पीड़ित नाबालिग लड़की का पक्ष ना लेकर अप्रत्यक्ष रूप से बदमाशों को बचा रही हैं. सवाल उठाया कि ये सरकार और उसके कर्ता-धर्ता ऐसे रेप और अपराध रोकेंगे?
एक्स पोस्ट में तेजस्वी ने लिखा, "आश्चर्य और बड़ी बात नहीं है... सांसद शांभवी चौधरी को आरोपियों की पहचान सार्वजनिक नहीं करने के इस ऐतिहासिक व महान कार्य के लिए प्रदेश में मंत्री उनके पिता अशोक चौधरी और केंद्र में मंत्री उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान एक सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित कर सम्मानित करें."
तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में समस्तीपुर कांड के चारों आरोपियों का नाम भी लिखा है जो इस प्रकार हैं, राहुल पासवान, अवधेश पासवान, रामबाबू साहनी और विकास शर्मा.
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