माघ मेले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुए व्यवहार पर तेज प्रताप यादव का रिएक्शन, 'संत, साधु, महात्मा…'
Tej Pratap Yadav News: तेज प्रताप यादव का कहना है कि शंकराचार्य आदरणीय पूजनीय हैं. उनके साथ जिस तरह से व्यवहार किया गया वह नहीं होना चाहिए था. पढ़िए और क्या कहा है.

प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) के माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन से ही शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद धरना पर बैठे हैं. उनका आरोप है कि मौनी अमावस्या के दिन उन्हें पालकी में संगम स्नान से रोका गया. इस दौरान उनके शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की हुई, जिसके बाद वे धरने पर बैठ गए. इस बीच जन शक्ति जनता दल प्रमुख तेज प्रताप यादव का आज (शुक्रवार) रिएक्शन आया है.
शंकराचार्य आदरणीय पूजनीय: तेज प्रताप यादव
माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के कथित अपमान को लेकर तेज प्रताप यादव ने कहा, "शंकराचार्य आदरणीय पूजनीय हैं. उनके साथ जिस तरह से व्यवहार किया गया वह नहीं होना चाहिए था. संत, साधु, महात्मा ज्ञान का प्रकाश होते हैं. जिस तरीके से उनके साथ व्यवहार किया गया उसका जन शक्ति जनता दल विरोध करती है."
#WATCH | पटना, बिहार: जन शक्ति जनता दल प्रमुख तेज प्रताप यादव ने कहा, "बसंत पंचमी के मौके पर पूरे देश के लोगों, खासकर बिहार के लोगों को मैं शुभकामनाएं देता हूं..."
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 23, 2026
माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के कथित अपमान को लेकर उन्होंने कहा, "शंकराचार्य… pic.twitter.com/hmagH0T8oy
तेज प्रताप ने दी बसंत पंचमी की शुभकामनाएं
दूसरी ओर जन शक्ति जनता दल के प्रमुख तेज प्रताप यादव ने कहा, "आज बसंत पंचमी के मौके पर पूरे देश के लोगों, खासकर बिहार के लोगों को मैं शुभकामनाएं देता हूं… माता सरस्वती वीणा धारणी हैं, ज्ञान की देवी हैं, इसलिए जो छात्र हैं वो कलम-किताब रखते हैं और साथ-साथ इसकी भी पूजा होती है."
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तबीयत बिगड़ी
बता दें कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा है कि वे सवा लाख शिवलिंग स्थापित नहीं कर पाए और जब तक प्रशासन माफी नहीं मांगता, तब तक बसंत पंचमी का स्नान नहीं करेंगे. इसके बाद से वे धरना पर बैठे हैं. अब उनकी तबीयत बिगड़ गई है. उन्हें बुखार आ गया है.
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