दीपक प्रकाश की कुर्सी पर संकट! सुप्रीम कोर्ट से नोटिस के बाद सियासत तेज, किसने क्या कहा?
Deepak Prakash News: बिना किसी सदन के सदस्य के ही दीपक प्रकाश को मंत्री बनाए जाने पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है. इस मामले पर बिहार में बयानबाजी शुरू हो गई है.

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश की कुर्सी पर संकट दिख रहा है. इस मामले में अब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें, बिहार सरकार और चुनाव आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. इस बीच बिहार में सियासत तेज हो गई है. बीजेपी, आरजेडी, कांग्रेस और जेडीयू की ओर से प्रतिक्रिया आई है.
जेडीयू के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी का कहना है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है और सरकार को जो नोटिस आया है उस पर सरकार जवाब देगी. सबको कानून में यकीन रखना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट से जो फैसला आएगा वह सरकार मानेगी.
हम नियम-कानून से चलने वाले लोग: बीजेपी
इस पूरे मामले में बिहार बीजेपी के प्रवक्ता पीयूष शर्मा ने कहा कि बिहार में एनडीए की सरकार है. जहां तक दीपक प्रकाश की बात है, किसी एक व्यक्ति ने याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की है और जो भी होगा सरकार संवैधानिक रूप से निर्णय लेगी. हम नियम और कानून के तहत चलने वाले लोग हैं. जो भी संविधान के हिसाब से होगा वह किया जाएगा.
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सब खेल जेडीयू कर रही: शक्ति यादव
दीपक प्रकाश को लेकर आरजेडी ने जेडीयू को घेरा है. आरजेडी प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा है कि दीपक प्रकाश के मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से जो टिप्पणी की गई है वो डूब मरने वाली बात है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कैसे आपने दोबारा मंत्री की शपथ दिला दी? यह संविधान का मजाक है. जेडीयू इस मामले से निकलना चाहती है. जेडीयू की तरफ से कहा जा रहा है कि मामला बीजेपी का है, लेकिन सब खेल जेडीयू कर रही है. सम्राट चौधरी को तत्काल प्रभाव से दीपक प्रकाश को बर्खास्त करना चाहिए.
इधर कांग्रेस में भी हमला किया है. कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा कि दीपक प्रकाश का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है. जो भी फैसला आएगा वह मानना होगा. दीपक प्रकाश न विधायक हैं न विधान परिषद के सदस्य, तब भी उनको मंत्री बनाया गया. पंजाब के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि आप सदन के सदस्य नहीं हैं तो आपको मंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए.
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