Supaul News: सुपौल के रजिस्ट्रार अमरेंद्र कुमार पर EOU की छापेमारी, अब तक क्या पता चला?
Supaul News in Hindi: सुपौल के रजिस्ट्रार अमरेंद्र कुमार के खिलाफ 5 मई को आर्थिक अपराध इकाई थाना पटना में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया था. आज सुबह से कार्रवाई शुरू हो गई.

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. इसी क्रम में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने सुपौल के रजिस्ट्रार अमरेन्द्र कुमार के चार ठिकानों पर छापेमारी की है. ये छापेमारी आज (06 मई) सुबह से ही की जा रही है. अमरेंद्र कुमार के खिलाफ कल (5 मई) को आर्थिक अपराध इकाई थाना पटना में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया था. विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के सत्यापन के बाद यह कदम उठाया गया है.
आर्थिक अपराध इकाई थाना कांड संख्या-06/26, दिनांक 05 मई 2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. शुरूआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि अमरेन्द्र कुमार ने अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है.
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आय से कितनी अधिक मिली संपत्ति?
जांच के दौरान सामने आया है कि उन्होंने करीब 1 करोड़ 10 लाख 64 हजार रुपये की अवैध संपत्ति बनाई है, जो उनकी ज्ञात आय से लगभग 65.08 प्रतिशत अधिक है. इस खुलासे के बाद EOU ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पटना स्थित विशेष न्यायालय निगरानी से तलाशी वारंट प्राप्त किया.
किन-किन ठिकानों पर हुई छापेमारी
तलाशी वारंट मिलने के बाद 6 मई 2026 की सुबह से पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों द्वारा एक साथ चार ठिकानों पर छापेमारी शुरू की गई. इनमें पटना के आशियाना-दीघा रोड स्थित राज अपार्टमेंट का फ्लैट, सारण (छपरा) स्थित पैतृक आवास, सुपौल स्थित ऑफिस और किराये का आवास शामिल हैं.
छापेमारी के दौरान मिले कई अहम दस्तावेज
सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान कई अहम दस्तावेज, बैंक खातों से जुड़े कागजात, संपत्ति से संबंधित रिकॉर्ड और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के साक्ष्य मिलने की संभावना है. जांच टीम पूरे मामले की बारीकी से पड़ताल कर रही है, ताकि अवैध संपत्ति के नेटवर्क का पूरा खुलासा किया जा सके. EOU अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है. तलाशी अभियान के बाद विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी. फिलहाल सभी टीमों को पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए जांच आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं.
इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं. यह कार्रवाई राज्य सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त नीति का भी स्पष्ट संकेत है, जिससे साफ है कि किसी भी स्तर के अधिकारी को अब बख्शा नहीं जाएगा.
Source: IOCL
























