एक्सप्लोरर

मुंबई में बिहार भवन नहीं प्रदेश में कैंसर अस्पताल चाहती है RJD, सुधाकर सिंह बोले- 'अगर सरकार…'

Bihar Bhawan: बिहार भवन को लेकर सवाल उठाते हुए आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने एक्स पर पोस्ट किया है. उन्होंने कहा कि बिहार को कंक्रीट की इमारतें नहीं, कैंसर अस्पताल चाहिए.

मुंबई में 'बिहार भवन' के निर्माण को लेकर सियासत जारी है. आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने शुक्रवार (23 जनवरी, 2026) को इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार को घेरा. सवाल भी उठाया. कहा कि मुंबई में 314 करोड़ की लागत से बिहार भवन निर्माण का फैसला बेहद चौंकाने वाला है. सवाल सीधा और स्पष्ट है- जब बिहार में कैंसर से लोग मर रहे हैं, तब सरकार भवन बनाने में करोड़ों रुपये क्यों खर्च कर रही है?

सुधाकर सिंह ने अपनी यह बात एक्स हैंडल के जरिए कही है. उन्होंने कहा कि बिहार की सबसे बड़ी स्वास्थ्य व्यवस्था त्रासदी यह है कि आज भी राज्य में कैंसर के इलाज के लिए कोई समर्पित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल उपलब्ध नहीं है. यही कारण है कि बिहार के हजारों कैंसर मरीज इलाज के लिए मजबूरन मुंबई, दिल्ली या चेन्नई जाते हैं. यह उनकी पसंद नहीं, बल्कि मजबूरी है. जब अपने ही राज्य में इलाज की व्यवस्था नहीं होगी, तो आम आदमी आखिर जाएं भी तो कहां जाएं?

'314 करोड़ की राशि मामूली रकम नहीं'

बक्सर सांसद ने कहा कि 314 करोड़ की राशि कोई मामूली रकम नहीं है. इसी राशि से बिहार में एक आधुनिक कैंसर सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की नींव रखी जा सकती है. ऐसा अस्पताल जहां बिहार के मरीजों को इलाज के लिए सैकड़ों किलोमीटर दूर न जाना पड़े, न ट्रेन में धक्के खाने पड़ें, न ही इलाज के अभाव में जान गंवानी पड़े.

आरजेडी नेता ने कहा कि सरकार का तर्क है कि मुंबई का बिहार भवन इलाज के लिए आने वाले मरीजों की सुविधा के लिए बनाया जा रहा है, लेकिन सच्चाई यह है कि यह सुविधा आम मरीजों के लिए नहीं, बल्कि अधिकारियों, नेताओं और विशेष वर्ग के लिए होगी. एक गरीब कैंसर मरीज पहले ही दवा, जांच और ऑपरेशन के खर्च से टूट चुका होता है. उसके लिए मुंबई में इलाज कराना असंभव होता है. ऐसे में भवन बनाकर सरकार किस मरीज की मदद कर रही है?

उन्होंने कहा कि यह फैसला दरअसल सरकार की सोच को उजागर करता है. सरकार यह मान चुकी है कि बिहार में बेहतर इलाज उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता नहीं है, इसलिए वह मरीजों को बाहर भेजने की व्यवस्था कर रही है. यह नीति न केवल अमानवीय है, बल्कि बिहार के स्वास्थ्य तंत्र की असफलता की खुली स्वीकारोक्ति भी है.

'अगर सरकार सच में…'

सांसद का कहना है कि अगर सरकार सच में मरीजों के हित में सोचती, तो 314 करोड़ का भवन मुंबई में बनाने के बजाय बिहार में कैंसर अस्पताल, सुपर स्पेशलिटी मेडिकल कॉलेज और आधुनिक जिला अस्पतालों पर खर्च किए जाते. इससे न केवल हजारों जिंदगियां बचतीं, बल्कि बिहार के स्वास्थ्य ढांचे में स्थायी सुधार होता. आज जरूरत इस बात की है कि सरकार यह समझे कि बिहार को मुंबई में भवन नहीं चाहिए, बिहार को अपने यहां इलाज चाहिए. बिहार को कंक्रीट की इमारतें नहीं, कैंसर अस्पताल चाहिए.

सक्रिय पत्रकारिता में अजीत कुमार लगभग 10 वर्षों से कार्यरत हैं. वर्ष 2016 में दैनिक जागरण समाचार-पत्र से इन्होंने ट्रेनी सब-एडिटर के रूप में अपनी पारी की शुरुआत पटना से की. देश के कई बड़े मीडिया संस्थानों में इन्होंने अपनी सेवाएं दी हैं, जिनमें दैनिक जागरण, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर आदि शामिल हैं.

वर्तमान में इनका कार्यक्षेत्र बिहार है और ये एबीपी लाइव में 'चीफ कॉपी एडिटर' के पद पर कार्यरत हैं. एबीपी डिजिटल के बिहार सेक्शन को लीड करते हैं. बिहार की खबरों पर इनकी पैनी नजर रहती है चाहे वह राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ी हुई खबरें हों या फिर अपराध या अन्य सामाजिक सरोकार की. खबरों को एंगल देने में और हेडिंग बनाने में महारथ हासिल है.

सही समय पर निष्पक्ष रूप से कई समाचार इनके प्रकाशित हो चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज भी शामिल हैं. पत्रकारिता में इन्होंने स्नातक के साथ परास्नातक तक की पढ़ाई की है. इनसे ajeetk@abpnetwork.com पर संपर्क किया जा सकता है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

बिहार में छात्रों के हित में 4 बड़े ऐलान, CM सम्राट चौधरी की पहल
बिहार में छात्रों के हित में 4 बड़े ऐलान, CM सम्राट चौधरी की पहल
बिहार: 'शराबबंदी वापस ले लेनी चाहिए', स्टडी में बताई गई ये वजहें
बिहार: 'शराबबंदी वापस ले लेनी चाहिए', स्टडी में बताई गई ये वजहें
Exclusive: यूपी चुनाव के लिए तैयार है चिराग पासवान की पार्टी, अमित शाह से सीट शेयरिंग पर हुई बात?
यूपी चुनाव के लिए तैयार है चिराग पासवान की पार्टी, अमित शाह से सीट शेयरिंग पर हुई बात?
बिहार में रोजगार के लिए हाहाकार, 15-20 हजार की Job के लिए छोड़ना पड़ रहा शहर
बिहार में रोजगार के लिए हाहाकार, 15-20 हजार की Job के लिए छोड़ना पड़ रहा शहर

वीडियोज

Bareilly Ke Bacchan: 😯Sangam की बल्लेबाज़ी और ससुर की गेंदबाजी, पहली गेंद पर टूटा बैट छूटी हंसी #sbs
Govinda संग Komal Rani Swarnkar हुईं स्पॉट, 4 साल की Dating Rumours फिर चर्चा में
Bhojpuri Bawal में Kajal Raghwani पर भड़के Nirahua, बोले- ‘आप उसी के लायक हो’
Pati Brahmachari: 😯Suraj का फिर दिखा पुराना 'राउडी' अवतार, Isha संग मिलकर मिशन पर निकला हीरो #sbs
Bollywood News: भारतीय फैंस से 2 दिन पहले विदेशी दर्शक देखेंगे 'रामायण', जानें मेकर्स की इस खास रिलीज स्ट्रेटजी के पीछे की वजह (08.08.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
सरकार ने ED डायरेक्टर राहुल नवीन का बढ़ाया कार्यकाल
सरकार ने ED डायरेक्टर राहुल नवीन का बढ़ाया कार्यकाल
यूपी चुनाव में करणी सेना की एंट्री, इतनी सीटों पर उतारेगी प्रत्याशी
यूपी चुनाव में करणी सेना की एंट्री, इतनी सीटों पर उतारेगी प्रत्याशी
'अलग खेल चल रहा है...', वायरल मीम्स पर बोले रवि किशन, पॉपुलैरिटी का जेन जी को दिया क्रेडिट
'अलग खेल चल रहा है...', वायरल मीम्स पर बोले रवि किशन, पॉपुलैरिटी का जेन जी को दिया क्रेडिट
ब्रेट ली ने वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर दिया अजीब बयान, ऐसा किसी ने भी नहीं कहा
ब्रेट ली ने वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर दिया अजीब बयान, ऐसा किसी ने भी नहीं कहा
थरूर के बयान पर आया कांग्रेस नेता वेणुगोपाल का रिएक्शन, बोले- 'ध्यान रखना चाहिए कि...'
थरूर के बयान पर आया कांग्रेस नेता वेणुगोपाल का रिएक्शन, बोले- 'ध्यान रखना चाहिए कि...'
Monsoon Travel Insurance: घूमने से पहले करा लें Monsoon Travel Insurance, इसमें क्या-क्या कवर?
घूमने से पहले करा लें Monsoon Travel Insurance, इसमें क्या-क्या कवर?
वायरलेस चार्जिंग में बार-बार हो रही दिक्कत? कहीं फोन कवर तो नहीं है कारण
वायरलेस चार्जिंग में बार-बार हो रही दिक्कत? कहीं फोन कवर तो नहीं है कारण
50 हजार की डाउन पेमेंट पर Fronx खरीदें तो कितनी बनेगी EMI? जानें हिसाब
50 हजार की डाउन पेमेंट पर Fronx खरीदें तो कितनी बनेगी EMI? जानें हिसाब
Embed widget