राम मंदिर ट्रस्ट को मिले नए CEO पर कांग्रेस की दो टूक, 'चंदा चोरों और...'
राम मंदिर ट्रस्ट में तीन नए ट्रस्टी बने हैं. वहीं खबर है CEO के तौर पर एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लग गई है. इसी बीच कांग्रेस ने चंदा विवाद को लेकर बीजेपी पर हमला बोला है.

श्रीराम तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में तीन नए सदस्यों के नाम पर मुहर लगाई गई है. मदन मोहन पांडेय, महेश भागचंदका और निर्मला यादव को ट्रस्ट का नया सदस्य नियुक्त किया गया है. साथ ही एक और खबर है कि पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ (CEO) भी मिल गया है. सूत्रों के अनुसार एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लग गई है. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने 38 वर्षों तक वायुसेना में सेवा दी है.
इसी बीच बिहार कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा है. बुधवार (02 सितंबर, 2026) को बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने राम मंदिर के चंदे और कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया है.
'चंदा चोरों और लुटेरों का...'
ट्रस्ट में नए सदस्यों की नियुक्ति के बीच बिहार कांग्रेस ने बीजेपी पर हमला बोला है. कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने राम मंदिर के चंदे और कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि राम मंदिर के चंदा चोरों और लुटेरों का क्या होगा? उन्होंने आरोप लगाया कि राम नाम पर लोगों से मिले चंदे और आस्था से जुड़े मामलों में सवाल उठने के बावजूद संबंधित लोगों को बचाया जा रहा है.
यह भी पढ़ें- ...और रो पड़े दबंग विधायक अनंत सिंह! जानें क्या है मामला?
तीन नए सदस्यों की हुई नियुक्ति
बता दें कि राम मंदिर ट्रस्ट में तीन पद लंबे समय से रिक्त थे. चढ़ावा चोरी प्रकरण के बाद पूर्व महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद दो पद खाली हुए थे. वहीं, ट्रस्ट सदस्य राजा अयोध्या विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र के निधन के बाद एक और पद रिक्त हो गया था. अब इन्हीं तीनों पदों पर मदन मोहन पांडेय, महेश भागचंदका और निर्मला यादव की नियुक्ति की गई है.
पहले पूर्णकालिक CEO के नाम पर भी चर्चा
बैठक में ट्रस्ट के पहले पूर्णकालिक CEO के तौर पर एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर मुहर लग गई है. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ने 38 वर्षों तक वायुसेना में सेवा दी है. इससे पहले इस पद के लिए पूर्व IAS दिनेश चंद्रा और योगेश्वर मिश्रा के नाम चर्चा में थे. CEO की नियुक्ति को ट्रस्ट के प्रशासनिक कामकाज को अधिक व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
पारदर्शिता और वित्तीय प्रबंधन पर बढ़ा फोकस
चंदा विवाद और इस्तीफों के बाद ट्रस्ट के संचालन और वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता को लेकर भी चर्चा तेज हुई है. तीन नए सदस्यों के आने से ट्रस्ट के प्रशासनिक कामकाज को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
यह भी पढ़ें- बिहार में 6 करोड़ लोगों की होगी हेल्थ स्क्रीनिंग, बनेगा डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड























