'भारत को कमजोर करने की साजिश', RSS प्रमुख के बयान का CM सम्राट ने किया समर्थन
मोहन भागवत ने विजयादशमी भाषण में विदेशी ताकतों पर भारत को कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया. बिहार के सीएम सम्राट चौधरी ने उनके भाषण का वीडियो साझा कर समर्थन किया.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के विजयादशमी भाषण पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने समर्थन जताया है. भागवत ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को नागपुर में अपने भाषण के दौरान दुनिया के अलग-अलग देशों में हो रहे आंदोलनों और सत्ता परिवर्तन की कोशिशों का जिक्र किया. उन्होंने आशंका जताई कि कुछ बाहरी ताकतें भारत को कमजोर करने और समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रही हैं.
सम्राट चौधरी ने भागवत के भाषण का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया. उन्होंने विदेशी ताकतों, ‘रिजीम चेंज’ और भारत की नीतियों को लेकर अपनी बात रखी.
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सम्राट चौधरी ने एक्स पर क्या लिखा?
सम्राट चौधरी ने लिखा, “दुनिया भर में 'रिजीम चेंज' के नाम पर हो रही उथल-पुथल वास्तव में विदेशी ताकतों द्वारा अपनी कठपुतली सरकारें बिठाने और अपने स्वार्थ का पोषण करने का उपक्रम है. सत्ता के भूखे और स्वार्थी स्थानीय नेताओं की मिलीभगत से वे भारत, हिंदू समाज और संघ को कमजोर करने और तोड़ने (डिस्मेंटलिंग) के निरंतर षड्यंत्र रच रहे हैं. भारत की दृढ़ नीतियां, मजबूत नेतृत्व और युवाओं में जागा राष्ट्रप्रेम इन शक्तियों के एजेंडे में सबसे बड़ी बाधा हैं.”
दुनिया भर में 'रिजीम चेंज' के नाम पर हो रही उथल-पुथल वास्तव में विदेशी ताकतों द्वारा अपनी कठपुतली सरकारें बिठाने और अपने स्वार्थ का पोषण करने का उपक्रम है। सत्ता के भूखे और स्वार्थी स्थानीय नेताओं की मिलीभगत से वे भारत, हिंदू समाज और संघ को कमजोर करने और तोड़ने (डिस्मेंटलिंग) के निरंतर षड्यंत्र रच रहे हैंI भारत की दृढ़ नीतियां, मजबूत नेतृत्व और युवाओं में जागा राष्ट्रप्रेम इन शक्तियों के एजेंडे में सबसे बड़ी बाधा है। -माननीय सरसंघचालक श्री @DrMohanBhagwat जी @RSSorg #RSSFoundationDay
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) October 20, 2026
भागवत ने फ्रांस, अल्बानिया और बांग्लादेश का किया जिक्र
मोहन भागवत ने अपने भाषण में फ्रांस, अल्बानिया, बांग्लादेश और नेपाल का जिक्र किया. उन्होंने कहा, “फ्रांस में क्या हो रहा है? अल्बानिया में क्या हो रहा है? बांग्लादेश में क्या हुआ? नेपाल में क्या हुआ? यह सब उन्हीं की करतूत है.” उन्होंने कहा कि ऐसी ताकतें मानती हैं कि सत्ता बदलने से हालात बदल जाएंगे. लेकिन उनके अनुसार, ऐसा पहले भी नहीं हुआ और आज भी नहीं हो रहा है.
भारत की तरक्की में बताया बाधा
भागवत ने कहा कि स्वार्थ से प्रेरित लोग दुनिया भर में ऐसी गतिविधियां करते रहते हैं. उन्होंने कहा, “भारत की तरक्की ऐसी हरकतों पर रोक लगाएगी. इसीलिए भारत उनका मुख्य लक्ष्य है.” उन्होंने यह भी कहा कि भारत में भी ऐसी कोशिशें की जा रही हैं. उन्होंने कहा कि देश की दृढ़ नीतियों और मजबूत नेतृत्व के कारण ऐसी चालें नाकाम हुई हैं.
भारत, हिंदू समाज और संघ को तोड़ने की कोशिश का आरोप
RSS प्रमुख ने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें भारत, हिंदू समाज और संघ को तोड़ने की कोशिश करती हैं. उन्होंने इसके लिए ‘विघटन’ यानी ‘डिस्मेंटलिंग’ शब्द का इस्तेमाल किया. भागवत ने कहा कि ऐसी कोशिशों में कुछ स्थानीय नेताओं की मदद भी मिलती है. उन्होंने इसकी वजह सत्ता की चाह, स्वार्थ और अज्ञानता को बताया.
सम्राट चौधरी ने अपने पोस्ट के जरिए भागवत के इन विचारों का समर्थन किया. दोनों बयानों में विदेशी ताकतों और भारत को कमजोर करने की कथित कोशिशों को लेकर चिंता जताई गई है.
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