राहुल गांधी के पैलेट गन वाले बयान पर JDU की दो टूक, 'ऐसे लोगों को…'
JDU on Rahul Gandhi: ललन सिंह ने कहा कि राहुल गांधी तथ्यों के परे बोल रहे हैं. झूठ बोल रहे हैं. उसे सत्यापित भी नहीं कर रहे हैं. राहुल गांधी को क्षमा मांगनी चाहिए.

राहुल गांधी के सदन में लगाए गए इस आरोप पर कि अमित शाह के कहने पर प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया इस पर जेडीयू ने करारा हमला किया है. केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक व्यवस्था है. सड़क की भाषा संसद में इस्तेमाल नहीं की जा सकती. इसकी एक गरिमा है.
ललन सिंह ने कहा, "राहुल गांधी जिस पद पर हैं... वे विपक्ष के नेता हैं. ये जिम्मेदार पद है. वे इस पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था का अंग है, लेकिन राहुल गांधी असंसदीय भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. तथ्यों के परे बोल रहे हैं, झूठ बोल रहे हैं और उसे सत्यापित भी नहीं कर रहे हैं. उसे सत्यापित करें. राहुल गांधी को क्षमा मांगनी चाहिए, इस तरह के अपने अलोकतांत्रिक व्यवहार के लिए. ये लोकतंत्र के लिए एक बहुत बड़ा धब्बा है."
'लोकतंत्र के लिए कलंक'
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, "सड़क पर वे क्या बोलते हैं, उससे कोई मतलब नहीं है लेकिन संसद में आप जब कुछ बोलते हैं, तो यहां बोलने का कुछ अर्थ होता है… आपको यहां जिम्मेदारी के साथ बोलना चाहिए. सदन की गरिमा है, सदन के कुछ नियम बने हुए हैं, लेकिन उन्हें इससे कोई मतलब नहीं है. वे सारी लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को ध्वस्त करने पर तुले हुए हैं... भगवान ऐसे लोगों को सद्बुद्धि दें. इस तरह के लोगों से भगवान लोकतंत्र को बचाएं. ये लोकतंत्र के लिए कलंक है."
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जेडीयू प्रवक्ता ने दी नसीहत
दूसरी ओर जेडीयू की प्रदेश प्रवक्ता अंजुम आरा ने राहुल गांधी को नसीहत दी है. उन्होंने कहा कि लोकसभा जैसे लोकतांत्रिक मंच पर प्रमाणिकता के आधार पर ही आरोप लगाने चाहिए. अगर किसी नेता के पास ठोस साक्ष्य है तो उसे सदन में रखना चाहिए. इस तरह के निराधार आरोप लोकसभा में संसदीय गरिमा के अनुरूप नहीं है.
उन्होंने कहा कि संसद की गरिमा सर्वोपरि है. इसमें सभी दलों के नेताओं की यह जिम्मेदारी बनती है कि अपनी मर्यादा का वह परिचय दें. अगर राहुल गांधी के बयान में कोई त्रुटि हुई है तो उसे स्वीकार कर संसद की गरिमा बनाए रखें. उनको माफी मांगनी चाहिए. यह लोकतांत्रिक परंपरा का हिस्सा है कि अगर कोई सदन में गलत बयान देता है तो उसे माफी मांगनी होती है.
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