प्रशांत किशोर की एक तस्वीर से खलबली, अब सरकार को देनी पड़ी सफाई!
प्रशांत किशोर ने सरकार के अधिकारियों से 27 अगस्त को मुलाकात की थी. तस्वीरें सामने आने के बाद तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं. जानिए अब इस पर क्या कुछ कहा गया है.

जन सुराज पार्टी के इकलौते विधायक प्रशांत किशोर की बिहार के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मुलाकात को लेकर उठे सवालों के बीच अब बिहार सरकार के मुख्य सचिवालय ने सफाई जारी की है. 27 अगस्त को हुई मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं. अब बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मुलाकात की पूरी स्थिति स्पष्ट की है.
बिहार सरकार की ओर से 28 अगस्त को जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, प्रशांत किशोर ने 20 अगस्त को पत्र लिखकर मुख्य सचिव से मुलाकात के लिए उनकी सुविधानुसार समय मांगा था. इसके बाद मुख्य सचिव ने 27 अगस्त को शाम 5 बजे उनसे मिलने का समय निर्धारित किया. सरकार के अनुसार, प्रशांत किशोर के साथ मुख्य सचिव की मुलाकात किसी विशेष प्रोटोकॉल या अलग बैठक के तौर पर नहीं हुई थी.
मुख्य सचिव के कमरे में नहीं, विजिटर रूम में हुई मुलाकात
प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि 27 अगस्त को मुख्य सचिव के कक्ष में पहले से ही एक अन्य बैठक चल रही थी. इस बैठक में कई अधिकारी मौजूद थे. ऐसे में मुख्य सचिव ने प्रशांत किशोर से अपने कक्ष के बजाय अतिथि कक्ष यानी विजिटर रूम में मुलाकात की. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि जनप्रतिनिधियों से अतिथि कक्ष में मुलाकात की परंपरा पहले से रही है. इसी आधार पर मुख्य सचिवालय ने इस मुलाकात को लेकर उठ रही चर्चाओं को स्पष्ट करने की कोशिश की है.
प्रेस विज्ञप्ति.......
— Cabinet Secretariat Department, Govt. of Bihar (@BiharCabinet) August 28, 2026
दिनांक 27.08.26 को मुख्य सचिव, बिहार के साथ माननीय विधायक, श्री प्रशांत किशोर की मुलाकात के संबंध में! pic.twitter.com/u9nPQnZc0h
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DGP समेत कई बड़े अधिकारी थे मौजूद
दरअसल, 27 अगस्त की शाम प्रशांत किशोर की वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मुलाकात चर्चा का विषय बन गई थी. बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और DGP विनय कुमार के अलावा परिवहन विभाग और नगर विकास विभाग के सचिव स्तर के अधिकारी तथा पटना नगर निगम के कमिश्नर भी मौजूद थे. एक साथ इतने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ नए विधायक की मुलाकात को राजनीतिक तौर पर अहम माना गया. खासकर इसलिए कि जनप्रतिनिधियों की ओर से अक्सर अधिकारियों द्वारा उनकी बात नहीं सुने जाने की शिकायत सामने आती रहती है.
PK बोले- इसमें डर या Aura की बात नहीं
मुलाकात को लेकर प्रशांत किशोर ने भी सफाई दी है. उन्होंने कहा कि सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें समय दिया, यह उनका बड़प्पन है. इसमें किसी तरह के डर या 'Aura' की बात नहीं है. प्रशांत किशोर ने कहा कि यह कोई वन-अपमैनशिप की लड़ाई नहीं है. उनका उद्देश्य बांकीपुर के लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाना और उनका समाधान कराना है.
प्रशांत किशोर पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से उपचुनाव जीतकर जन सुराज पार्टी के इकलौते विधायक बने हैं. वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उनकी मुलाकात को जहां राजनीतिक गलियारों में उनके बढ़ते प्रभाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा था, वहीं मुख्य सचिवालय की सफाई के बाद सरकार ने इसे सामान्य प्रशासनिक मुलाकात के तौर पर स्पष्ट किया है.
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