यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदयभानु की गिरफ्तारी से भड़के सांसद पप्पू यादव, 'गलगोटिया वालों की…'
Youth Congress President Udaybhanu Arrested: बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने बीजेपी पर हमला बोला है. कांग्रेस नेता की गिरफ्तारी पर उन्होंने गलगोटिया यूनिवर्सिटी का जिक्र किया है.

भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदयभानु चिब को पटियाला हाउस कोर्ट ने चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेजा है. एआई समिट (AI Summit) में हुए विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में उदयभानु को गिरफ्तार किया गया था. उनकी गिरफ्तारी के बाद बीजेपी पर विपक्षी दल निशाना साध रहे हैं. बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने भी हमला बोला है.
सांसद पप्पू यादव ने मंगलवार (24 फरवरी, 2026) को अपने एक्स से पोस्ट किया. कांग्रेस नेता की इस गिरफ्तारी के विरोध में सांसद पप्पू यादव ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी का जिक्र किया. एआई समिट में गलगोटिया की ओर से पेश किए गए रोबोडॉग के मामले में उन्होंने सवाल उठाया कि गलगोटिया वालों की गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई?
अपने एक्स पोस्ट में पप्पू यादव ने क्या लिखा?
अपने एक्स पोस्ट में पप्पू यादव ने लिखा है, "AI समिट में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदयभानु जी और यूपी यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष आदि कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने वालों से एक सवाल- AI समिट में देश का नाम डुबाने वाले गलगोटिया वालों की गिरफ्तारी क्यों नहीं की… क्या इसलिए कि वह BJP का लंगोटिया है?"
AI समिट में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए
— Pappu Yadav (@pappuyadavjapl) February 24, 2026
यूथ कांग्रेस अध्यक्ष उदयभानु जी और
यूपी यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष आदि
कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने वालों से
एक सवाल
AI समिट में देश का नाम डुबाने वाले
गलगोटिया वालों की गिरफ्तारी क्यों नहीं
क्या इसलिए कि वह BJP का लंगोटिया है?
एआई समिट पर पहले भी हमला कर चुके हैं पप्पू यादव
यह पहली बार नहीं है जब सांसद पप्पू यादव ने एआई समिट को लेकर बीजेपी को घेरा है. इसके पहले वे पीएम मोदी तक का नाम लेकर निशाना साध चुके हैं. एक पोस्ट में पप्पू यादव ने लिखा है, "मोदी जी AI का मतलब- ए आइ (मां) समझे रहे थे. उनकी सरकार ने AI का मतलब All Insult कराना समझ लिया."
क्या है गलगोटिया का मामला?
एआई समिट में एक रोबोडॉग को दिखाते हुए गलगोटिया यूनिवर्सिटी की एक प्रोफेसर, नेहा सिंह ने मीडिया को बताया कि इसे यूनिवर्सिटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में छात्रों द्वारा विकसित किया गया है. सोशल मीडिया पर लोगों ने तुरंत पहचान लिया कि यह रोबोट वास्तव में चीन की कंपनी का मॉडल है जो ऑनलाइन आसानी से उपलब्ध है. विवाद बढ़ने पर समिट आयोजकों ने गलगोटिया यूनिवर्सिटी का स्टॉल बंद करवा दिया.
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Source: IOCL




























