बाढ़ राहत के 7 हजार रुपये पर पप्पू यादव का सवाल, बोले- 8 लाख परिवार ही क्यों?
बिहार में बाढ़ राहत के तहत 8.27 लाख परिवारों को 7-7 हजार रुपये देने पर पप्पू यादव ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने लाभार्थियों के चयन और सूची की पारदर्शिता पर सवाल किया है.

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बिहार की बाढ़ राहत व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने बाढ़ प्रभावित परिवारों को दी जा रही 7-7 हजार रुपये की सहायता राशि के लिए लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया पर सवाल खड़ा किया है.
पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि सरकार करीब 60 लाख लोगों के बाढ़ प्रभावित होने की बात करती है, जबकि 8 लाख परिवारों को ही 7-7 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की गई है. उन्होंने पूछा कि इन परिवारों का चयन किस आधार पर किया गया और इसकी प्रक्रिया क्या है.
यह भी पढ़ें- बिहार में बाढ़ का जायजा लेने आज पहुंचेंगे शिवराज, 15 जिलों का दौरा
8.27 लाख बाढ़ प्रभावित परिवारों के खातों में भेजे गए 7-7 हजार
बिहार सरकार ने बीते दिन 15 सितंबर को 8.27 लाख बाढ़ प्रभावित परिवारों के खातों में 7-7 हजार रुपये की सहायता भेजने की प्रक्रिया शुरू की थी. पप्पू यादव ने इसी संख्या और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं. 8,27,472 बाढ़ प्रभावित परिवारों के खातों में 579.23 करोड़ रुपये DBT के जरिए भेजे गए.
पप्पू यादव ने लगाए गंभीर आरोप
सांसद ने सोशल मीडिया पोस्ट में सवाल उठाया कि क्या लाभार्थियों की सूची तैयार करने में पारदर्शिता बरती गई है. उन्होंने आशंका जताई कि कहीं राहत राशि का वितरण राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच तो नहीं किया जा रहा.
BJP सरकार 60 लाख लोगों के बाढ़पीड़ित
— Rajesh Ranjan Pappu Yadav (@pappuyadavjapl) September 16, 2026
होने का दावा करती है,पर मात्र 8लाख को
ही ₹7-7 हजार देने की घोषणा करती है।
क्या यह अंधेरगर्दी नहीं है? यह 8लाख परिवार
कौन है,कैसे तय किया गया?क्या यह अपने पार्टी
कार्यकर्ताओं के बीच बंदरबांट का खेल तो नहीं है?
क्या यह एक और लुटखसोट का खेल है?
राहत वितरण पर सियासत तेज
बाढ़ के बीच राहत और पुनर्वास को लेकर बिहार में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है. पप्पू यादव इससे पहले भी राज्य और केंद्र सरकार से अतिरिक्त राहत और व्यापक सहायता की मांग कर चुके हैं. वहीं राज्य सरकार का कहना है कि पात्र प्रभावित परिवारों को DBT के जरिए आर्थिक सहायता दी जा रही है.
यह भी पढ़ें- मधुबनी बॉर्डर पर ‘चाची 420’ गिरफ्तार, पति पहले ही जा चुका जेल






















