Nalanda Stampede: नालंदा के शीतला मंदिर भगदड़ मामले में 40 लोग बनाए गए आरोपी, 4 की गिरफ्तारी
Nalanda Stampede News: दीपनगर थाना की पुलिस अधिकारी मौसमी कुमारी के लिखित आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज हुई है. इसमें 20 नामजद और 20 अज्ञात शामिल हैं.

बिहार के नालंदा जिले के दीपनगर थाना क्षेत्र के मघड़ा स्थित प्रसिद्ध शीतला देवी मंदिर में मंगलवार को भगदड़ मचने से आठ श्रद्धालुओं की मौत और कई लोग घायल हो गए थे. इस बीच, बुधवार (01 अप्रैल, 2026) को मंदिर में पूजा अर्चना शुरू है. लोग वहां पहुंच रहे हैं और माता की पूजा-अर्चना करते नजर आए.
बीते मंगलवार को हुए हादसे को लेकर दीपनगर थाना में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है. दर्ज प्राथमिकी में 40 लोगों को आरोपी बनाया गया है. इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. बताया गया कि दीपनगर थाना की पुलिस अधिकारी मौसमी कुमारी के लिखित आवेदन के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में मंदिर प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों सहित 20 लोगों को नामजद और 20 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.
भीड़ प्रबंधन की नहीं दी गई थी सूचना
आरोप है कि मंदिर समिति ने मेला या भीड़ प्रबंधन की कोई सूचना पुलिस को नहीं दी थी. गर्भगृह के पास जानबूझकर अवरोध खड़ा किया गया, ताकि अवैध वसूली की जा सके. साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने के बजाय श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की गई. बता दें कि मघड़ा स्थित प्रसिद्ध शीतला देवी मंदिर में मंगलवार को भगदड़ मचने से आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और इतने ही लोग घायल हुए थे.
स्थानीय लोग इस भगदड़ का कारण मंदिर और मंदिर के आसपास व्यवस्था की कमी बताते हैं. वैसे, भगदड़ की घटना के पीछे मुख्य कारणों का पता जांच के बाद ही चलेगा. दरअसल, यह मंदिर स्थानीय तौर पर ही नहीं, क्षेत्रीय तौर पर लोगों की आस्था का केंद्र रहा है. यहां प्रत्येक मंगलवार को लोगों की भारी भीड़ लगती है. यहां पटना और आसपास के लोग भी मंगलवार को पहुंचते हैं.
आस्था का केंद्र रहा है ये मंदिर
स्थानीय लोगों के मुताबिक, काफी प्राचीन समय से यह आस्था का केंद्र रहा है. सिद्धपीठ शीतला मंदिर प्रत्येक मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होती है तथा मेला जैसा नजारा रहता है. मां के प्रांगण में रामनवमी के अवसर पर ध्वजा स्थापित करने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है. मान्यता यह भी है कि इनके दरबार में आने वाले हर दुखियारे की मनोकामना पूरी होती है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के परिजनों के लिए छह लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने इसमें जान गंवाने वाले पीड़ितों के प्रति संवेदना व्यक्त की. इसके साथ ही केंद्र सरकार ने इस भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा भी की.
Source: IOCL























