लालू-राबड़ी की सुरक्षा में कटौती पर भड़कीं रोहिणी आचार्य, 'नरसंहार के आरोपी मुख्यमंत्री…'
Lalu-Rabri Security: रोहिणी ने कहा कि बेवजह सुरक्षा घटाना शासन नहीं, प्रतिशोध की राजनीति का संकेत है. पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करना लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को कमजोर करना है.

आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी से जेड प्लस की सुरक्षा ले ली गई है. वहीं बड़े बेटे तेज प्रताप को केवल एक बॉडीगार्ड मिलेगा. सुरक्षा घटाए जाने पर लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सम्राट सरकार पर निशाना साधा है. शुक्रवार (05 जून, 2026) को रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) ने एक्स हैंडल से पोस्ट करते हुए हमला बोला.
अपने एक्स पोस्ट में रोहिणी आचार्य ने लिखा है, "लालू जी और राबड़ी देवी जी की सुरक्षा में कटौती के सम्राट सरकार के फैसले से राजनीतिक प्रतिशोध की बू आती है. ऐसा प्रतीत होता है कि नरसंहार के आरोपी मुख्यमंत्री के द्वारा लिए गए इस निर्णय के पीछे कोई गंदी मंशा है! बेवजह राजनीतिक विरोधियों की सुरक्षा घटाना शासन नहीं, प्रतिशोध की राजनीति का संकेत है."
लालू जी और राबड़ी देवी जी की सुरक्षा में कटौती के सम्राट सरकार के फैसले से राजनीतिक प्रतिशोध की बू आती है l ऐसा प्रतीत होता है कि नरसंहार के आरोपी मुख्यमंत्री के द्वारा लिए गए इस निर्णय के पीछे कोई गंदी मंशा है ! बेवजह राजनीतिक विरोधियों की सुरक्षा घटाना शासन नहीं, प्रतिशोध की… pic.twitter.com/5mzhQ7NZhZ
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) June 5, 2026
यह भी पढ़ें- Khan Sir News: फायरिंग, FIR, 5 गिरफ्तारियां, अब खान सर का नंबर? जानिए क्या कहता है कानून
'सुरक्षा से समझौता करना लोकतांत्रिक…'
रोहिणी आचार्य का कहना है कि लालू यादव और राबड़ी देवी ने देश की राजनीति और देश में लोकतंत्र को बहाल रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उनकी सुरक्षा से समझौता करना लोकतांत्रिक मर्यादाओं और संवैधानिक दायित्वों पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है.
अपने पोस्ट में वे लिखती हैं, "बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास अगर तनिक भी विवेक बचा होगा तो उन्हें ये समझना होगा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करना लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को कमजोर करने जैसा है."
उधर बीजेपी के प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने कहा है कि लालू परिवार की सच्चाई यह है कि पूरा परिवार सरकारी सुविधा का लाभ ले रहा है. यह लोग सत्ता को बपौती समझते हैं. इन लोगों को हर तरीके की सरकारी सुविधा चाहिए, लेकिन इनको समझाना चाहिए सत्ता किसी की बापौती नहीं है. यह सुशासन और जनता के हित के लिए है.
यह भी पढ़ें- बिहार: खाते में आए 2,948,000,000 रुपये तो चौंक गया मजदूर, अब बैलेंस देखने पहुंच रहे लोग

























