'शराबबंदी हट जाए तो अच्छा', अब JDU भी इस कानून के खिलाफ! कहा- 'नीतीश कुमार की इच्छा…'
Bihar Liquor Ban News: जेडीयू नेता का कहना है कि बिहार से झारखंड, यूपी और बंगाल सटा है. कहीं भी बॉर्डर सील नहीं है. प्रैक्टिकल रूप में देखा जाए तो शराबबंदी खत्म नहीं हुई है.

बिहार विधानसभा के बजट सत्र में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक माधव आनंद ने मांग उठाई थी कि शराबबंदी कानून की समीक्षा होनी चाहिए. इसके बाद बीजेपी के विधायक विनय बिहारी, हम के संरक्षक जीतन राम मांझी, सहित कई नेताओं ने शराबबंदी के खिलाफ बयानबाजी की थी. सदन में शराबबंदी कानून को लेकर काफी चर्चा भी हुई. विपक्ष ने भी जमकर हमला किया. अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू से भी इसको लेकर आवाज उठने लगी है. सांसद देवेशचंद्र ठाकुर का कहना है कि यह (शराबबंदी) हट जाए तो बहुत अच्छा होगा.
'प्रैक्टिकल रूप में देखा जाए तो…'
जेडीयू सांसद ने एक निजी चैनल से बातचीत में शराबबंदी पर बयान दिया है. सांसद ने साफ तौर पर कहा कि पूरी दुनिया में कहीं भी यह सक्सेस नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि उनकी (नीतीश कुमार) इच्छा बिल्कुल सही थी, उनके इरादे, उनके ख्याल बहुत अच्छे थे कि शराब पीने से घर में मारपीट होती है, घर बर्बाद होता है, शराब के कारण गरीब के बच्चों का पढ़ाई रुक जाती है, लेकिन प्रैक्टिकल रूप में देखा जाए तो कहीं भी शराबबंदी खत्म नहीं हुई है.
जेडीयू सांसद ने कहा कि सभी जगह शराब मिल रही है. बिहार में एक तरफ झारखंड है, एक ओर पश्चिम बंगाल है, एक ओर उत्तर प्रदेश है, तो हर जगह बॉर्डर सील नहीं है.
सांसद ने एक और बड़ा खुलासा करते हुए 10 साल पहले की बात बताई. उन्होंने कहा कि जब शराबबंदी कानून नहीं था तो उस वक्त दोनों सदनों में हमारे नेता नीतीश कुमार ने शपथ दिलवाई थी. इसमें किसी ने इसका विरोध नहीं किया. विपक्ष भी खुद को रोक नहीं सका क्योंकि शराबबंदी की बात थी. विपक्ष ने भी सपोर्ट किया था, लेकिन हमारे मुख्यमंत्री को किसी ने सूचना दे दी कि विधान परिषद में आपके ही दो सदस्य शपथ में नहीं रहे. वह गायब थे. शपथ में गायब होने वालों में एक सदस्य मैं भी था.
'मैंने शपथ नहीं ली क्योंकि…'
देवेश चंद्र ठाकुर ने कहा, "नीतीश जी के पास यह बात पहुंच गई तो उन्होंने पूछा कि कौन लोग थे तो एक मेरा नाम आया. मुझे मुख्यमंत्री जी ने बुलाया और पूछा कि आप शपथ के समय क्यों गायब हो गए? तो मैंने कहा कि सर बिल तो पास हो ही गया था. शपथ की क्या जरूरत है. उन्होंने कहा कि शपथ तो लेना था सभी को… तो हमने साफ कहा कि मैंने शपथ नहीं ली क्योंकि आपने कानून बिहार के लिए बनाया है… और आप शपथ लेने के लिए कह रहे हैं कि आप शराब का सेवन कभी नहीं करेंगे… तो मैं बिहार में रहूंगा तो सेवन नहीं करूंगा, लेकिन बिहार के बाहर जाऊंगा तो क्या दिक्कत होगी… हालांकि बात वहीं पर खत्म हो गई."
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