बिहार में 'इलेक्ट्रॉल बॉन्ड' पर विवाद शुरू! RJD और JDU आमने-सामने, मचा सियासी बवाल
Bihar Electoral Bond News: आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह ने कहा कि सरकार हिरण का चोला पहनकर भेड़िया के रूप में है. जिस कंपनी का ऐसेट 10 हजार नहीं है उससे करोड़ों रुपये जेडीयू ने चंदा लिया.

बिहार में इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर विवाद शुरू हो गया है. जेडीयू और आरजेडी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है. जडीयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार द्वारा आरजेडी पर शराब कंपनियों से चंदा लेने के आरोप पर आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह ने शुक्रवार (27 फरवरी, 2026) को पलटवार किया. कहा कि जेडीयू से बड़ा कोई भ्रष्टाचारी कोई पार्टी नहीं है. उससे बड़ा कोई दोहन करने वाली पार्टी नहीं है.
'हिरण का चोला पहनकर भेड़िया के रूप में सरकार'
आरजेडी नेता ने डॉक्यूमेंट दिखाते हुए कहा, "किंग महेंद्र से जेडीयू सालों तक पैसा लेता रही. A2BS इंफ्रास्ट्रक्चर जिसका सालाना टर्नओवर 27 करोड़ है, उस कंपनी ने जेदडीयू को 24 करोड़ रुपये दिए. जिस कंपनी का ऐसेट 10 हजार नहीं है उससे करोड़ों रुपये जेडीयू ने चंदा लिया. स्मार्ट मीटर के नाम पर करोड़ों रुपये लिए गए. सरकार हिरण का चोला पहनकर भेड़िया के रूप में है. सुनील सिंह ने कहा कि आरजेडी ने जो भी चंदा लिया वह उसके खाते में है. उसी को दर्शाया गया है.
आरजेडी ने शराब कंपनियों से लिया पैसा
जेडीयू के प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार ने सुनील सिंह के आरोपों पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि आरजेडी ने शराब कंपनियों ने पैसा लिया. पश्चिम बंगाल की कंपनी से चंदा लिया. उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉल बॉन्ड लेना गुनाह नहीं है, लेकिन आरजेडी ने बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद शराब कंपनियों से पैसा लिया. ये लोग कायर हैं.
दूसरी ओर आरजेडी एमएलसी सुनील सिंह ने दावा किया था कि बिहार में शराब बंद नहीं है. बजट सत्र के आखिर दिन (आज 27 फरवरी) वे विधानसभा में शराब मंगाकर दिखा सकते हैं. इस पर नीरज कुमार ने पलटवार कर कहा कि उनका दावा फुस्स हो गया. दूसरी ओर यह भी कहा, "इन लोगों ने वैसी कंपनियों से इलेक्ट्रॉन बॉन्ड लिया है जो शराब बनाने वाली कंपनी है… तो आप शराबबंदी कानून का तो विरोध कीजिएगा ही…"
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Source: IOCL























