'ट्रंप को मारने का था प्लान', ईरानी खुफिया एजेंट्स की बड़ी साजिश का खुलासा, PAK नागरिक बोला- मेरे पास कोई चारा नहीं...
पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट का दावा है कि उसने जानबूझकर ट्रंप और बाइडन को मारने की साजिश को अंजाम नहीं दिया. उसको आभास था कि वह पहले ही पकड़ा जाएगा.

अमेरिका-इजरायल और ईरान में चल रहे संघर्ष के बीच एक पाकिस्तानी नागरिक ने बड़ा दावा किया है. उसका कहना है कि उसे ईरानी खुफिया एजेंट्स ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, पूर्व प्रेजीडेंट जो बाइडेन और यूनाएटेड नेशंस में यूएस एंबेसडर निक्की हेली की हत्या करने की सुपारी दी थी. पाकिस्तानी नागरिक आसिफ मर्चेंट ने बुधवार (4 मार्च, 2026) को ब्रुकलीन फेडरल कोर्टरूम में खुद को निर्दोष बताते हुए ये दावे किए हैं.
द न्यूयॉर्क पोस्ट के रिपोर्ट के अनुसार आसिफ मर्चेंट को अगस्त, 2024 में गिरफ्तार किया गया था. उस पर आरोप है कि उसने इस काम के लिए दो लोगों को 5 हजार डॉलर यानी करीब 4.6 लाख रुपये का ऑफर दिया था. उसको लगा कि ये लोग कॉन्ट्रेक्ट किलर हैं, जबकि वे एफबीआई एजेंट थे.
मेरे परिवार को धमकियां मिल रही थीं, आसिफ मर्चेंट ने कहा
आसिफ मर्चेंट ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उसको यह काम करने के लिए मजबूर किया गया. उसके परिवार को धमकियां दी गईं, जिसके बाद उसके पास कोई चारा नहीं बचा. आसिफ मर्चेंट का यह भी दावा है कि पहले साल 2022 के आखिर या 2023 के शुरुआत में वह अपनी इच्छा से ईरानी एजेंट्स के साथ काम करने के लिए आगे आया. उस वक्त उसने यूएस सेंक्शंस से बचने के लिए मनी लॉन्ड्रिंग में इन लोगों की मदद की थी.
आसिफ मर्चेंट ने बताया कि वह पहले बैंक में काम करता था. उसका केले एक्सपोर्ट करने का बिजनेस था, जो बाद में बंद हो गया. उसने बताया कि अप्रैल, 2024 में एक ईरानी हैंडलर ने उससे संपर्क किया और उसको अमेरिका जाने का निर्देश दिया. साथ ही यह भी कहा कि उसे वहां किसी की हत्या करनी पड़ सकती है. उसने गवाही में बताया कि बाद में उससे कहा गया कि उसके टार्गेट्स ट्रंप, बाइडेन और निक्की हेली हो सकते हैं.
'अमेरिकी चुनाव से पहले ट्रंप को मारने की थी प्लानिंग', आसिफ मर्चेंट का दावा
यह उस समय की बात है, जब अमेरिका में 2024 के अंत में राष्ट्रपति के लिए चुनाव होने थे और डोनाल्ड ट्रंप और जो बाइडेन में कांटे की टक्कर मानी जा रही थी. हेली एक महीने पहले ही प्रेजीडेंशियल इलेक्शन की रेस से बाहर हो गई थीं. आसिफ ने अपने ईरानी हैंडलर का नाम मेहरदाद यूसुफ बताया, जो उसके अनुसार ईरान की इस्लामिक रिवॉन्यूशनरी गार्ड कोर्प्स का मेंबर है. यूसुफ ने उसे हत्या की साजिश रचने और अज्ञात दस्तावेज प्राप्त करने का निर्देश दिया.
आसिफ मर्चेंट की एक बीवी और तीन बच्चे पाकिस्तान में रहते हैं, जबकि दूसरी बीवी और बेटी ईरान में हैं. उसने बताया कि यूसुफ ने ईरान में उसकी पत्नी और बेटी को लेकर उसे धमकी दी थी. एक बार यूसुफ बिना बताए आसिफ के घर पहुंच गया और बात करते हुए उसको बंदूक दिखाकर डराने लगा. आसिफ मर्चेंट ने ज्यूरी से कहा कि उसका परिवार खतरे में था इसलिए वह यूसुफ की बात मानने के लिए मजबूर हो गया. हालांकि, आसिफ का दावा है कि उसने जानबूझकर इस साजिश को अंजाम नहीं दिया.
जानबूझकर नहीं दिया साजिश को अंजाम, पाकिस्तानी नागरिक ने कहा
आसिफ का कहना है कि उसको अंदेशा था कि वह प्लान पूरा होने से पहले ही पकड़ा जाएगा और उसने जूनबूझकर साजिश को अंजाम नहीं दिया था. उसने यह भी कहा कि उसने हत्या के लिए सिर्फ 4.6 लाख रुपये का ऑफर दिया ही इसलिए था क्योंकि वह जानता था कि इतने कम पैसों में कोई इस काम को करने के लिए तैयार नहीं होगा.
आसिफ मर्चेंट को हो सकती है उम्रकैद
आसिफ ने कहा कि वह अमेरिकी सरकार को इस प्लान के बारे में बताना चाहता था. उसने कोर्ट में कहा कि उसको इस बात का आभास था कि वह पकड़ा जाएगा और उसका भेद खुल जाएगा. उसने कहा कि वह अमेरिकी सरकार को बताना चाहता था. उसको लगा कि ऐसा करके उसको ग्रीन कार्ड मिल जाएगा. अब इस मामले में गुरुवार को अभियोजक क्रॉस एग्जामिनेशन करेंगे. अगर आसिफ मर्चेंट दोषी पाया जाता है तो उसको आजीवन कारावास की सजा हो सकती है.
शुरुआती ट्रायल्स में आसिफ का जून 2024 का क्वींस मोटेल का एक वीडियो भी चलाया गया था, जो एफबीआई एजेंट्स ने कैप्चर किया था. इसमें वह रिपब्लिकन पार्टी के नेता की हत्या का प्लान बनाता हुआ दिखाई दे रहा है. जांचकर्ताओं का मानना है कि वह यहां ट्रंप की बात कर रहा था.
Source: IOCL


























