तेजस्वी यादव और चिराग पासवान ने अपने-अपने तरीके से सीएम नीतीश को घेरा
बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक है, ऐसे में बिहार के दो युवा नेता चिराग पासवान और तेजस्वी यादव अपने-अपने तरीके से सीएम नीतीश को घेर रहे हैं.

पटना: आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी आरजेडी के साथ-साथ सरकार की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी भी सरकार को घेरने की तैयारी में है. जहां एक तरफ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मौजूदा स्वास्थ्य सुविधाओं पर सवाल खड़े कर सरकार को घेर रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ एलजेपी नेता सौरभ पाण्डेय बिहार की खोई अस्मिता वापस लाने के मुद्दे पर सरकार को घेरने का मन बना चुके हैं.
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव राज्य में बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मुद्दे पर नीतीश सरकार पर निशाना साधा रहे हैं. तेजस्वी यादव का कहना है कि बिहार जैसे 12.60 करोड़ की घनी आबादी वाले राज्य में अभी तक मात्र 0.35% लोगों की ही कोरोना जाँच हुई है. बकौल तेजस्वी बिहार में 140 दिनों में प्रतिदिन जांच का औसत सिर्फ 3158 ही है. पिछले 25 दिनों में ही कोरोना से 159 लोगों की मौत हुई है.
तेजस्वी यादव ने स्वास्थ्य सुविधाओं के मुद्दे पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल किया है कि बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी दयनीय क्यों है कि आपके 15 साल के शासन के बाद भी अस्पतालो में रुई और सुई के अलावा ज़रूरी मेडिकल उपकरण उपलब्ध नहीं हैं. तेजस्वी ने सीएम नीतीश कुमार से पूछा है कि आप इतने असहाय क्यों हैं कि आपके मंत्री और अधिकारी आपकी ही बात नहीं सुनते.
तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल को असफल करार करते हुए कहा है कि "आप देश के इकलौते ऐसे असफल मुख्यमंत्री रहे जो लॉकडाउन में अपने राज्यों के छात्रों, मजदूरों को वापस लाने में पूरी तरह नाकाम रहा.
इधर, एनडीए की सहयोगी एलजेपी भी अप्रत्यक्ष रूप से सीएम नीतीश के कार्यकाल पर निशाना साध रही है. एलजेपी नेता सौरभ पाण्डेय का कहना है कि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान का मानना है कि बिहार में पर्यटन,शिक्षा,स्वास्थ के क्षेत्र में बहुत काम किया जा सकता है और इनको बढ़ावा देने से पलायन पर रोक लगाई जा सकती है.
सौरभ ने बताया कि लोक जनशक्ति पार्टी पिछले एक साल से बिहार के हजारों गांवों और लगभग 4 लाख लोगों के सुझावों से बिहार का विजन डॉक्युमेंट बना रही है, जिसका नाम बिहार 1st बिहारी1st विजन डॉक्युमेंट 2020 रखा गया है. इस विजन डॉक्युमेंट को बनाने के लिए 7 सदस्यीय कमेटी उनकी पार्टी ने फरवरी में ही बनाई थी ताकि आए हुए सुझावों पर चर्चा कर उन सभी सुझावों को शामिल किया जाए, जिससे बिहार कि खोई अस्मिता को विकास के रास्ते वापस लाया जा सके.
साथ ही लोक जनशक्ति पार्टी को भी एक दिशा मिले जिससे आने वाले दिनो में बिहारीयों को यह बता सके कि बिहार को 1st बनाने के लिए पार्टी के पास क्या रोड मैप है. सौरभ पाण्डेय के मुताबिक इस सात सदस्यीय कमेटी में स्वयं पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान भी शामिल हैं.
बता दें कि बिहार में अक्टूबर-नवम्बर में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसको देखते हुए एलजेपी समय-समय पर अपनी ही सहयोगी पार्टी को कठघरे में खड़ा करती रहती है. जानकारों के अनुसार लोजपा सीट शेयरिंग में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने के लिए अभी से ही प्रेसर पॉलिटिक्स में लग गई है.
























