'घबराती मोदी सरकार...', CJP प्रोटेस्ट को लेकर बोलीं लालू की बेटी रोहिणी
दिल्ली में CJP प्रदर्शन पर रोहिणी आचार्य ने केंद्र पर तानाशाही का आरोप लगाया और गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों की रिहाई मांगी. NDA नेताओं ने विपक्ष की एकता, मंशा और प्रदर्शन पर सवाल उठाए.

दिल्ली में सीजेपी (CJP) के प्रदर्शन को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है. आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और दिल्ली में प्रवेश पर कथित पाबंदियों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने इसे मोदी सरकार की बढ़ती तानाशाही का प्रमाण बताते हुए गिरफ्तार आंदोलनकारियों की तत्काल रिहाई की मांग की.
वहीं बिहार के एनडीए नेताओं ने प्रदर्शन और विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाए. किसी ने इसे विपक्ष की बौखलाहट बताया, तो किसी ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा इंतजामों को जरूरी ठहराया.
रोहिणी ने एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि ध्रुव राठी, कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके, सौरभ दास, आशुतोष रांका और अन्य युवा प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी मोदी-शाह के इशारे पर की गई. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए आने वाले लोगों को दिल्ली की सीमाओं और एयरपोर्ट पर रोकना संविधान के अनुच्छेद 19 से जुड़ी स्वतंत्रता का उल्लंघन है. रोहिणी ने जंतर-मंतर के प्रदर्शन के मद्देनजर नाकेबंदी और बैरिकेडिंग को सरकार की असहमति से डरने की निशानी बताया. उन्होंने सभी गिरफ्तार आंदोलनकारियों की तत्काल रिहाई की मांग की.
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'हिटलर अपना अंत खुद लिख रहा'
आरजेडी प्रवक्ता प्रियंका भारती ने भी एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुराना वीडियो साझा किया. उन्होंने लिखा, “देश की मिट्टी ज़ुल्म के सामने नहीं झुकती. भाइयों बहनों ये आवाज रुकने वाली नहीं.” एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, “हिटलर अपना अंत खुद ही लिख रहा है.”
सच का सामना करने से डरती - घबराती तानाशाह मोदी सरकार .. बेबाकी से सच बोलने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी, कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दिपके, सौरभ दास, आशुतोष रांका एवं अन्य युवा आंदोलनकारियों - प्रदर्शनकारियों की मोदी-शाह के इशारे पर की गयी गिरफ्तारी और दिल्ली प्रवेश पर पाबंदी मोदी सरकार की बढ़ती तानाशाही का प्रत्यक्ष प्रमाण है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए आ रहे प्रदर्शनकारियों एवं लोगों को दिल्ली की सीमाओं और एयरपोर्ट पर रोकना संविधान के अनुच्छेद 19 द्वारा प्रदत्त स्वतंत्रता का खुला उल्लंघन है। जंतर-मंतर के प्रदर्शन से घबराकर की गई नाकेबंदी, बैरिकेडिंग और दमनकारी कदम से ये साबित होता कि मोदी सरकार अपने खिलाफ उभरे जायज़ असंतोष से भयभीत है । मैं इन सभी असंवैधानिक गिरफ्तारियों की कड़ी निंदा करती हूँ और सभी आंदोलनकारियों की तत्काल रिहाई की मांग करती हूँ।
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) October 10, 2026
राम कृपाल यादव ने विपक्षी दलों के तालमेल पर उठाए सवाल
मंत्री राम कृपाल यादव ने सीजेपी के प्रदर्शन में वामपंथी दलों की भागीदारी और कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों में आपसी तालमेल नहीं है और वे खंड-खंड में बंटे हुए हैं. ऐसे आंदोलन का जनता पर कोई असर नहीं होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग देश में अस्थिरता पैदा करना और कानून-व्यवस्था बिगाड़ना चाहते हैं.
“देश की मिट्टी ज़ुल्म के सामने नहीं झुकती। भाइयों बहनों ये आवाज़ रुकने वाली नहीं” दिल्ली की सल्तनत के अंत का आरम्भ है। https://t.co/YXy1BR74gu
— Priyanka Bharti (@priyanka2bharti) October 10, 2026
भाजपा नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि प्रदर्शन करने वालों को पता है कि वे नाकाम होंगे. उन्होंने दावा किया कि जनता का समर्थन केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ है. इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित खबर का जिक्र करते हुए उन्होंने पूछा कि उसमें कौन-से प्रमाण और तथ्य दिए गए हैं.
मृत्युंजय तिवारी ने सीजेपी के पिछले छात्र आंदोलन का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि सरकार ने छात्रों की मांगों पर संज्ञान लिया था और प्रधानमंत्री ने प्रश्नपत्र लीक जैसे मामलों में कठोर कानून बनाने की बात कही थी. उन्होंने पिछले प्रदर्शन के दौरान अव्यवस्था होने का भी आरोप लगाया.
श्याम रजक ने कांग्रेस पर साधा निशाना
जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने असम और पश्चिम बंगाल के उपचुनावों में भाजपा उम्मीदवारों की जीत पर एनडीए को बधाई दी. उन्होंने कहा कि जनता ने काम करने वालों पर भरोसा जताया है और विपक्ष के आंदोलनों को गंभीरता से नहीं लिया.
जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन में कांग्रेस की गैरमौजूदगी पर रजक ने कहा कि किसी संगठन के आंदोलन में दूसरे दलों का शामिल होना जरूरी नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता के मुद्दों पर लड़ने के बजाय अपनी छवि चमकाने और टीआरपी बढ़ाने के लिए राजनीति करती है. उनके मुताबिक, विपक्षी दलों में एकजुट होकर लड़ने की क्षमता नहीं है.
राजीव रंजन, रूडी और मिथलेश तिवारी ने भी दी प्रतिक्रिया
जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि लोकतंत्र में किसी राजनीतिक दल को अपनी बात रखने से रोका नहीं जा सकता. हालांकि, उन्होंने विपक्षी दलों को नसीहत दी कि उन्हें अपने पुराने राजनीतिक व्यवहार पर भी विचार करना चाहिए. उन्होंने कांग्रेस का जिक्र करते हुए कहा कि कई राज्यों में पार्टी अपनी पुरानी राजनीतिक हैसियत वापस नहीं पा सकी है.
भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने दिल्ली में सुरक्षा इंतजामों का बचाव किया. उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व कानून-व्यवस्था बनाए रखना है और विधि-व्यवस्था में बाधा की आशंका होने पर सुरक्षा व्यवस्था करना सामान्य प्रक्रिया है. उन्होंने बिहार में पहले हुई आगजनी की घटनाओं का भी जिक्र किया..
मंत्री मिथलेश तिवारी ने ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को हुई परेशानी पर खेद जताया. उन्होंने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ी समस्या होने पर सरकार को व्यवस्था करनी पड़ती है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग मोदी सरकार की सफलता से परेशान हैं और सीजेपी को कांग्रेस का नया अवतार बताया. इस तरह सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर विपक्ष और एनडीए नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं.
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