BRICS में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा, JDU नेता श्याम रजक ने PM मोदी को दी बधाई
ब्रिक्स घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा और आतंकियों को पनाह व फंडिंग देने वालों पर कार्रवाई की सहमति बनी है. इस पर जदयू विधायक श्याम रजक ने पीएम मोदी की कूटनीति की तारीफ की.

बिहार के जदयू विधायक श्याम रजक ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के नई दिल्ली घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ ब्रिक्स देशों का एकजुट होना भारत की कूटनीतिक सफलता और प्रधानमंत्री के कुशल प्रबंधन को दर्शाता है.
श्याम रजक ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के कुशल प्रबंधन के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की ख्याति बढ़ी है. उन्होंने कहा कि जिस संकट से भारत गुजर रहा है, उस पर पूरे ब्रिक्स देशों ने मजबूती के साथ भारत का समर्थन किया है. उनके मुताबिक, आतंकवाद के खिलाफ जारी संयुक्त बयान महत्वपूर्ण उपलब्धि है.
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पीएम मोदी की कूटनीति की तारीफ
जदयू विधायक ने कहा कि ब्रिक्स घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा होना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुशल कूटनीति को दिखाता है. उन्होंने प्रधानमंत्री को सफल प्रबंधन के लिए बधाई देते हुए कहा कि इससे हर भारतीय को गर्व महसूस हुआ है.
#WATCH | पटना, बिहार | जदयू विधायक श्याम रजक ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के नई दिल्ली घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा पर कहा, "प्रधानमंत्री का ये कुशल प्रबंधन है जिसके कारण भारत की आज ख्याति भी प्राप्त हुई है और भारत जिस संकट से गुजर रहा है, इस संकट पर पूरे ब्रिक्स… pic.twitter.com/wpKwRp9eHr
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 13, 2026
आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई पर सहमति
ब्रिक्स देशों ने शनिवार (12 सितंबर 2026) को नई दिल्ली डेक्लरेशन को मंजूरी दी. इसमें रूस और चीन समेत सदस्य देशों ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की. घोषणापत्र में आतंकवादियों को पनाह देने वालों के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करने की बात कही गई है. साथ ही आतंकियों तक पहुंचने वाली फंडिंग रोकने और उन्हें सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराने वालों पर कार्रवाई की जरूरत पर सहमति जताई गई.
आज समिट का आखिरी दिन
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आज आखिरी दिन है. रविवार (13 सितंबर 2026) को ओपन मीटिंग होगी, जिसमें सदस्य देशों के नेता और आमंत्रित देशों के प्रमुख हिस्सा लेंगे. संयुक्त बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब पश्चिम एशिया में तनाव जारी है और ईरान, सऊदी अरब तथा यूएई समेत कई देशों के अलग-अलग मुद्दों पर अलग-अलग रुख हैं. ऐसे माहौल में आतंकवाद के खिलाफ साझा रुख को भारत के लिए अहम कूटनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है.
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