तेजस्वी यादव के कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने पर BJP की प्रतिक्रिया, 'तेज प्रताप और रोहिणी…'
Tejashwi Yadav RJD National Working President: बीजेपी का कहना है कि तेजस्वी को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का निर्णय एक परिवार की पार्टी का स्वाभाविक निर्णय है. पढ़िए पूरी खबर.

तेजस्वी यादव को आरजेडी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. रविवार (25 जनवरी, 2026) को यह घोषणा पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हुई. सर्वसम्मति से मंजूरी भी मिल गई. तेजस्वी यादव को मिली इस पद की जिम्मेदारी के बाद अब भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रतिक्रिया आई है. बीजेपी ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. निखिल आनंद ने इसे परिवार एवं पार्टी की लड़ाई में तेजस्वी की जीत बताया.
रविवार को घोषणा के बाद डॉ. निखिल आनंद ने बयान जारी करते हुए कहा कि तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का आरजेडी का निर्णय एक परिवार की पार्टी का स्वाभाविक निर्णय है. आरजेडी अब तेजस्वी एंड कंपनी की जागीर बन जाएगी जिसका, अब भगवान ही मालिक होगा.
बीजेपी नेता ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद आरजेडी पहले ही अपना जनाधार एवं राजनीतिक वजूद खो चुकी है और परिवार एवं पार्टी में कलह की स्थिति है. आरजेडी के विधायक, नेता और कार्यकर्ता तेजस्वी यादव और उनकी टीम के मनमानेपन पर सवाल उठा रहे हैं. आरजेडी में विक्षोभ के कारण विधायक दल और संगठन के टूट कर बीजेपी एवं जेडीयू में विलय होने की अटकलें तेज है.
'तेज प्रताप और रोहिणी को बाहर करवा दिया'
आगे निखिल आनंद ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान, हम सभी ने देखा कि तेजस्वी ने अपने पूर्व मुख्यमंत्री माता-पिता लालू यादव-राबड़ी देवी को पोस्टरों से हटा दिया और उन्हें प्रचार किए बगैर घर बैठने पर मजबूर कर दिया. तेजस्वी ने पार्टी और परिवार की व्यवस्था पर पूरी तरह हावी होने के लिए रणनीतिक रूप से तेज प्रताप और रोहिणी आचार्य को बाहर करवा दिया. अब तेजस्वी यादव के दबाव में, लालू परिवार ने अब उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का फैसला किया है और बाद में उन्हें पार्टी का पूर्ण अध्यक्ष घोषित किया जाएगा.
शराब की बोतल पर नया लेबल: निखिल आनंद
अंत में निखिल आनंद ने कहा, "आरजेडी में कोई संगठन या विचारधारा नहीं है लेकिन यह पार्टी पारिवारिक राजनीतिक विरासत, धन-संपत्ति और पार्टी के अवैध कारोबार एवं धोखाधड़ी के फंड से वित्तीय संग्रह को बनाए रखने के लिए ही अब वजूद में है. आरजेडी में कुछ भी बदलाव नहीं होगा सिवाय इसके कि पुरानी शराब की बोतल पर नया लेबल लगा दिया गया है."
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Source: IOCL

























