बिहार: पेट्रोल पीने से 2 साल के बच्चे की मौत, नाना-नानी के घर आया था घूमने
Supaul News in Hindi: बिहार के सुपौल का मामला है. बच्चा खेलते-खेलते उस जगह पहुंच गया और किसी को पता चले बिना पेट्रोल पी लिया. सदर अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया.

बिहार के सुपौल से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. प्रतापगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत टेकुना पंचायत के वार्ड नंबर 9 में नाना-नानी के घर घूमने आए दो वर्षीय मासूम की पेट्रोल पीने से मौत हो गई.
बताया जा रहा है कि बच्चा खेलते-खेलते घर में रखी पेट्रोल की बोतल तक पहुंच गया और अनजाने में पेट्रोल पी लिया. इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई. परिजन उसे बचाने के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक दौड़ते रहे, लेकिन सुपौल सदर अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया. घटना बीते सोमवार (17 अगस्त, 2026) शाम की बताई जा रही है.
मवेशी के घाव के उपचार के लिए रखा गया था पेट्रोल
दो साल का बच्चा करजाइन थाना क्षेत्र के बायसी गांव निवासी नीरज कुमार के बेटा परमजीत था. वह अपने माता-पिता के साथ नाना-नानी के यहां आया था. घर में मवेशी के घाव के उपचार के लिए एक बोतल में थोड़ा पेट्रोल रखा हुआ था. इसी दौरान मासूम खेलते-खेलते उस जगह पहुंच गया और किसी को पता चले बिना पेट्रोल पी लिया.
कुछ देर बाद जब परिजनों को बच्चे के पेट्रोल पीने की जानकारी मिली तो अफरा-तफरी मच गई. परिजन उसे प्रतापगंज सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे. यहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए राघोपुर अस्पताल रेफर कर दिया.
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राघोपुर अस्पताल में भी डॉक्टरों ने मासूम का इलाज किया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ. गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे सुपौल सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. परिजन बच्चे को लेकर सुपौल के लिए रवाना हुए, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी सांसें थम गईं.
बच्चे के दादा ने बताया कि उन्हें फोन पर सूचना मिली थी कि परमजीत ने पेट्रोल पी लिया है. सूचना मिलते ही वे अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक बच्चे की हालत काफी गंभीर हो चुकी थी.
परिवार के लोग मासूम को बचाने के लिए लगातार अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे, मगर तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी. मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. माता-पिता, नाना-नानी समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
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