12 साल पहले जिसकी हत्या में पति गया जेल, वह जिंदा मिली; अब शव की पहचान पर सवाल
रोहतास में 12 साल पहले जिस महिला की हत्या में एक परिवार सलाखों के पीछे रहा, वो अब जिन्दा बरामद हुई है. अब जिस महिला के शव की शिनाख्त हुई थी, वो कौन थी ? इसको लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.

बिहार के रोहतास में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है.यहां 12 साल पहले जिस महिला की हत्या में उसके पति समेत तीन रिश्तेदारों को जेल हो गयी थी वह जिंदा निकली और झारखंड में दूसरी शादी कर रह रही थी.पुलिस ने बरामद कर उसे कोर्ट में पेश किया. लेकिन अब बड़ा सवाल ये है कि जिस महिला के शव की शिनाख्त हुई थी वो कौन थी ? फिर जिन्होंने बेगुनाह होते हुए जेल काटी उनको कैसे इंसाफ मिलेगा.
महिला ने अपनी पहचान और नाम बदल लिया था, लेकिन परिजनों को कुछ समय पहले उसे झारखंड में रहने की सूचना मिली तो पुलिस को जानकारी दी गयी, जिस पर पुलिस ने उसे बरामद कर लिया.
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क्या है पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक, अगस्त 2014 सरस्वती देवी अपने एक रिश्ते के देवर के साथ गायब हो गई थी. इसके बाद 22 अगस्त को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के खंडा गांव से नहर से एक शव बरामद हुआ था. तब महिला के भाई ने उस नहर से बरामद हुए शव की पहचान अपनी बहन सरस्वती देवी के रूप में की और इसके हत्या के आरोप में महिला के पति सहित आठ लोगों पर केस दर्ज कर दिया.
जिसमें पुलिस ने महिला के पति, ससुर तथा जेठ को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. नहर से बरामद हुए महिला के शव का पोस्टमार्टम भी हुआ और गांव के चौकीदार ने शव की पहचान भी की थी.
झारखंड के गढ़वा में होने की जानकारी मिली
अचानक परिवार को लोगों को जानकारी मिली कि सरस्वती देवी अपना नाम बदलकर झारखंड के गढ़वा के कांडी थाना क्षेत्र के लभारी गांव में रह रही है. इसके बाद पूरी जानकारी पुलिस को दी गई. तब डेहरी के मुफस्सिल थाना की पुलिस झारखंड जाकर जब छानबीन की तो महिला पकड़ी गई. वह अपना नाम सरस्वती देवी से बदलकर कांति देवी रख ली थी. तथा वहीं के एक व्यक्ति रट्टू सिंह के साथ हर रही थी. पुलिस महिला को लाकर सासाराम कोर्ट में पेश किया.
अब सवाल खड़ा हो रहा है कि जिस महिला की हत्या के आरोप में पूरा परिवार तबाह हो गया, वह ज़िंदा बरामद हो गयी.यही नहीं इस महिला का एक 22 साल का पुत्र भी है, जिसे यह बचपन में छोड़ गयी थी.
अब मृत महिला की शिनाख्त की गुत्थी उलझी
अब सवाल उठता है कि 12 साल पहले पुलिस ने जिस महिला का शव बरामद किया और उसकी पहचान सरस्वती देवी के रूप में की थी,आखिर वह महिला कौन थी?पुलिस अब इस बिंदु पर नए सिरे से जांच कर रही है. सवाल यह है कि इतने संवेदनशील मामला में पुलिस द्वारा आखिर किस तरह की तकनीकी जांच की गयी कि एक जीवित महिला का कथित रूप से पोस्टमार्टम हो गया और उसकी हत्या के आरोप में कई लोग वर्षों तक जेल की सजा भी काट लिए? यह मामला अब पूरे इलाके में चर्चा अक विषय बन गया है.
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