Bihar News: पैरा-लीगल वॉलंटियर के रूप में काम करेंगे किन्नर, जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने सौंपी जिम्मेदारी
प्रशिक्षण प्राप्त कर किन्नर अपने-अपने क्षेत्रों में जन्म-मृत्यु, शादी-विवाह का रजिस्ट्रेशन कराने के प्रति लोगों को न सिर्फ जागरूक करेंगे. बल्कि साथ-साथ कई विधिक सेवाओं की जानकारी भी पहुंचाएंगे.

औरंगाबाद: बिहार के औरंगाबाद जिले में जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने अनोखी पहल की. प्राधिकार ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत गांधी जयंती से शुरू किए गए जागरूकता अभियान में लोगों को विधिक सेवाओं के प्रति जागरूक करने के लिए किन्नरों को जिम्मेदारी सौंपी है. अब वे बतौर पैरा-लीगल वॉलंटियर की तरह लोगों को जागरूक करेंगे. प्राधिकार के सचिव प्रणव शंकर ने बताया कि किन्नर जो हमारे समाज का एक अंग हैं, वे प्रतिदिन जिले के किसी न किसी हिस्से में शादी-विवाह, बच्चों के जन्म और अन्य खुशी के मौके पर लोगों के बीच उपस्थित होते हैं और माहौल को खुशनुमा बनाते हैं.
ऐसी स्थिति में विधिक सेवा प्राधिकार ने किन्नरों के आग्रह पर यह निर्णय लिया है कि प्राधिकार द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान में शामिल होकर ये भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराएं.
किन्नरों को दी अधिकारों की जानकारी
इस संबंध में सचिव ने बताया कि इसके अतिरिक्त जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने किन्नरों के साथ बैठक कर न्यायालय द्वारा प्राप्त उनके हक और अधिकारों की जानकारी दी. ताकि समाज में उनके अधिकारों का कोई हनन नहीं कर सके और अगर कहीं भी किन्नरों के साथ किसी भी प्रकार की आपराधिक घटनाएं घटती हैं, तो कानून उनका सहयोग करे और दोषियों को सजा दिलाए.
शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कक्ष में जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित कर किन्नरों की समस्याओं और उनके समाधान पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर, उन्हें प्रशिक्षित किया गया. किन्नरों द्वारा अपने स्तर से प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए काफी मात्रा में पम्पलेट प्राप्त किया गया. इस जागरूकता सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित हुए सभी किन्नरों में काफी खुशी देखी गई.
किन्नरों ने कही ये बात
जिले के न्यायाधीशों के साथ बैठक में शामिल होकर उन्होंने यह स्वीकार किया गया कि उनके जीवन का यह पहला मौका है, जब इतने बड़े संस्थान में आकर न्यायाधीश के सामने उन्हें अपने हक और अधिकारों की जानकारी प्राप्त हुई.
गौरतलब है कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार उभयलिंगी व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा एवं विधिक सहायता उपलब्ध कराने की सशक्त माध्यम के रूप में भी कार्य कर रहा है. जिला विधिक सेवा प्राधिकार समाज के विकास में उभयलिंगियों की सहभागिता निभाने में उनका मदद और सहायता उपलब्ध कराने का कार्य करता है.
लोगों तक पहुंचाएंगे जानकारी
साथ ही उनके विकास और सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा जैसे मूलभूत अधिकारों को उन्हें दिलाने में अपनी भूमिका निभा रहा है. जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष एवं सचिव द्वारा संयुक्त रूप से भारत सरकार ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा अधिनियम 2019 द्वारा ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों को उपलब्ध कराने हेतु विशिष्ट कानूनों के सम्बन्ध में विस्तार से अवगत कराया गया.
जिला विधिक सेवा प्राधिकार से प्रशिक्षण प्राप्त कर किन्नर अपने-अपने क्षेत्रों में जन्म-मृत्यु, शादी-विवाह का रजिस्ट्रेशन कराने के प्रति लोगों को न सिर्फ जागरूक करेंगे. बल्कि साथ-साथ कई विधिक सेवाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का भी कार्य करेंगे.
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Source: IOCL





















