Khas Mahal Bhumi: खास महल की जमीन को लेकर सम्राट सरकार का बड़ा फैसला, लिया गया ये निर्णय
Bihar Khas Mahal Jamin: सासाराम, पूर्णिया, कटिहार सहित अन्य जिलों में खास महल की भूमि पर 60-70 वर्ष से रहने वाले लोगों को आजतक उनको मालिकाना हक नहीं मिला है. पढ़िए काम की खबर.

बिहार की सम्राट सरकार ने खास महल (Khas Mahal) की जमीन को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अब राज्य के विभिन्न जिलों में खास महल की भूमि पर वर्षों से रहने वाले लोगों को शीघ्र ही उनका मालिकाना हक मिलेगा. इसके लिए राज्य सरकार विचार कर रही है.
बीते बुधवार (24 जून, 2026) को सूचना भवन के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान इसकी जानकारी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने दी.
15 अगस्त के बाद लोगों से की जाएगी बात
दिलीप जायसवाल ने कहा, "सासाराम, पूर्णिया, कटिहार सहित अन्य जिलों में खास महल की भूमि पर 60-70 वर्ष से रहने वाले लोगों को आजतक उनको मालिकाना हक नहीं मिला है. इसको देखते हुए विभाग की ओर से 15 अगस्त के बाद लोगों से बात की जाएगी. उस भूमि को देने के लिए बाजार मूल्य का कितनी राशि उनसे ली जाए इसकी भी चर्चा की जाएगी. इसके बाद उस भूमि को फ्री होल्ड कर दिया जाएगा. राज्य सरकार यह क्रांतिकारी फैसला लेने जा रही है."
इस मौके पर राजस्व मंत्री ने विभाग की उपलब्धियों के बारे में चर्चा की. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में भूमि प्रबंधन एवं राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में विभिन्न सेवाओं, योजनाओं एवं प्रक्रियाओं में व्यापक एवं क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं. इन सुधारों के परिणामस्वरूप भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार, विशेष सर्वेक्षण, भूमि विवादों के त्वरित निपटारे और भूमिहीन परिवारों के पुनर्वास जैसे क्षेत्रों में प्रगति दर्ज की गई है.
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मंत्री दिलीप जायसवाल ने जानकारी दी कि चालू वित्तीय वर्ष में राज्य की 28 केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय विकास योजनाओं के लिए 1380.59 एकड़ सरकारी भूमि उपलब्ध कराई गई है. इससे शिक्षा, सड़क, ऊर्जा, सुरक्षा, खेल पर्यटन और औद्योगिक विकास से जुड़ी परियोजना के कार्यान्वयन में तेजी आएगी.
2 से 3 साल में पूरा हो जाएगा जमीन सर्वे का काम
उन्होंने बताया कि सरकारी भूमि हस्तांतरण के अतिरिक्त महत्वपूर्ण परियोजना हेतु भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई की जा रही है, जिसके अंतर्गत भू-अर्जन की परियोजनाओं के लिए 45748 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है. दिलीप जायसवाल ने यह भी कहा कि आगे 2 से 3 साल में सर्वे का कार्य पूरा कर लिया जाएगा. राज्य में सरकार ने भूमि का सर्किल रेट बढ़ा दिया है इससे किसानों को फायदा होगा. सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा.
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