चमकी बुखार को लेकर बिहार में क्या है तैयारी? जानिए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने क्या कुछ कहा
Bihar Chamki Bukhar: एईएस से अत्याधिक प्रभावित 15 जिलों में 10 बेड वाले पीआईसीयू वार्ड स्थापित किए गए हैं. चमकी बुखार को लेकर विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की गई है.

बिहार में चमकी बुखार को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में हैं. स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने गुरुवार (28 मई, 2026) को कहा कि राज्य सरकार बिहार में मौसमी एवं संक्रामक बीमारियों विशेषकर एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (AES/चमकी बुखार) की रोकथाम एवं उपचार को लेकर पूरी गंभीरता एवं सतर्कता के साथ काम कर रही है.
उन्होंने कहा कि सभी जिलों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. एईएस से अत्याधिक प्रभावित 15 जिलों में 10 बेड वाले पीआईसीयू (PICU) वार्ड स्थापित किए गए हैं. एसकेएमसीएच मुजफ्फरपुर में 100 बेड वाले अत्याधुनिक पीआईसीयू वार्ड की व्यवस्था की गई है. अत्यधिक प्रभावित वाले 15 जिलों को छोड़कर अन्य जिलों के सभी जिला अस्पतालों में पांच और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में दो डेडिकेटेड बेड आरक्षित रखे गए हैं.
स्वास्थ्य विभाग की ओर से एसओपी लागू
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि गर्मी एवं उमस के मौसम को देखते हुए पूरे राज्य विशेषकर पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, छपरा, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी व शिवहर जिलों में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में कार्य कर रहा है. एईएस/चमकी बुखार की रोकथाम, समय पर पहचान एवं त्वरित उपचार के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की गई है. मुजफ्फरपुर सहित प्रभावित जिलों में चिकित्सा महाविद्यालयों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, HWC स्तर तक एईएस/जेई के नोडल पदाधिकारियों को चिह्नित किया गया है तथा विशेष वार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है.
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सुविधाओं एवं चिकित्सकीय उपकरणों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है. सभी मेडिकल कॉलेज एवं जिला अस्पतालों को आवश्यक दवाओं एवं उपकरणों का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने का निर्देश दिया गया है. साथ ही डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि मरीजों को बेहतर एवं त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा सके.
उन्होंने कहा कि सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाओं की निशुल्क उपलब्धता सुनिश्चित की गई है. निशुल्क जांच, निशुल्क एंबुलेंस सेवा एवं मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के अंतर्गत एईएस मरीजों के लिए वाहन सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है.
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Source: IOCL


























