बिहार चुनाव: पिछली बार 11, इस बार सिर्फ चार, कौन हैं JDU के मुस्लिम उम्मीदवार?
JDU Muslim Candidates: बिहार चुनाव में CM नीतीश कुमार ने इस बार केवल 4 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया है. इनमें शगुफ्ता अजीम को दोबारा मौका मिला है. साबिर अली की पार्टी में वापसी हुई है.

बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है दोनों चरणों का नामांकन भी खत्म हो गया है और अब प्रत्याशी और नेता मैदान में उतर चुके हैं . लेकिन इस बार सीट बंटवारे चौंकाने वाला मामल आया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जो 2020 में 11 मुस्लिम उम्मीदवार खड़ा किए थे और इस बार मात्र मुस्लिम उम्मीदवार को ही टिकट दिया है.
शगुफ्ता अजीम को दूसरी बार मौका
इन चार मुस्लिम उम्मीदवारों में क्या खासियत है रिकॉर्ड के देखा जाए तो इन चार में से मात्र अररिया विधानसभा के प्रत्याशी शगुफ्ता अजीम को दूसरी बार मौका मिला है. पिछली बार वह जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ी थी और करीब 48 हजार वोट से चुनाव हारी थी ,लेकिन पार्टी ने 2025 में दूसरा मौका दे दिया है.
अमौर सीट पर मैदान में साबिर अली
अमौर विधानसभा से जेडीयू ने पहले सबा जफर को टिकट दिया था लेकिन बाद में उससे सिंबल वापस ले लिया गया और पूर्व राज्यसभा सांसद रहे साबिर अली को टिकट दिया गया है. साबिर अली बहुत पहले से पार्टी में रहे थे और बाद में वह वह पार्टी से बगावत करके जेडीयू छोड़ दिए थे. उस वक्त चर्चा यह भी थी कि पार्टी तोड़ने का काम साबिर अली कर रहे हैं और उसके रचयिता यही है. लेकिन चुनाव से पहले फिर वह जेडीयू में वापस आए और सीएम नीतीश कुमार ने एक बार उन्हें फिर मौका दिया है.
जोकीहाट से मंजर आलम को टिकट
जोकीहाट विधानसभा से मंजर आलम को जेडीयू से उम्मीदवार बनाया गया है. मंजर आलम 2010 में जेडीयू से चुनाव लड़े थे और जीत हासिल किए थे उसके बाद नीतीश मंत्रिमंडल में उन्हें जगह दी गई थी. लेकिन 2015 में उन्हें टिकट नहीं दिया गया , 2020 में भी उन्हें मौका नहीं मिला. अब 2025 में एक बार फिर जो नीतीश कुमार ने मंजर आलम पर भरोसा जताया है. मंजर आलम पार्टी में बहुत पहले से बने हुए हैं और एक विश्वासी सिपाही के तौर पर काम करते रहे हैं.
जमा खान को चैनपुर विधानसभा से मौका
चौथ है जमा खान जिनका जेडीयू से कभी उनका नाता नहीं रहा था. चुनाव लड़ने के लिए वह 2020 में मायावती की बहुजन समाज पार्टी को ज्वाइन किया और चैनपुर विधानसभा से चुनाव जीत गए. लेकिन 2020 में बहुजन समाज पार्टी का मात्र एक ही उम्मीदवार जीत कर आया था तो जमा खान ने मौके का फायदा उठाते हुए नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू में को ज्वाइन कर लिया इसके बाद उन्हें अल्पसंख्यक मंत्री बनाया गया. अब 2025 में पार्टी ने उन पर भरोसा करते हुए चैनपुर विधानसभा से उम्मीदवार के रूप में जमा खान को उतारा है.
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