भिक्षावृत्ति से मुक्त होगा बिहार, नीतीश सरकार ने उठाया बड़ा कदम, 38 जिलों में सर्वेक्षण शुरू
Bihar News: सर्वेक्षण के बाद चिह्नित व्यक्तियों को उचित देखरेख और कौशल विकास के जरिए समाज की मुख्यधारा में वापस लाने का प्रयास किया जाएगा. टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है.

बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग ने राज्य को भिक्षावृत्ति से मुक्त करने और प्रभावित व्यक्तियों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में एक बड़ी और मानवीय पहल शुरू की है. 'मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना' एवं 'SMILE Scheme' के तहत शुक्रवार (27 फरवरी) को राज्य के सभी 38 जिलों में भिक्षुक सर्वेक्षण कार्य का शुभारंभ किया गया.
इस राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत समाज कल्याण विभाग की सचिव सह 'सक्षम' की कार्यकारिणी समिति की अध्यक्ष बंदना प्रेयषी द्वारा ऑनलाइन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई. इस अवसर पर 'सक्षम' (स्टेट सोसाइटी फॉर अल्ट्रा पूअर एंड वेल्फेयर) के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी योगेश कुमार सागर भी उपस्थिति रहे.
कैसे कलेक्ट होगा डेटा?
इस अभियान के तहत राज्य के सभी रेलवे स्टेशनों, बस पड़ावों और धार्मिक स्थलों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर भिक्षावृत्ति में संलिप्त महिला, पुरुष, बच्चों एवं ट्रांसजेंडर भिक्षुकों की पहचान की जाएगी. बांका जिले में भी इस सर्वेक्षण कार्य को गति देने के लिए राजन कुमार को सर्वेयर के रूप में चयनित किया गया है, जो क्षेत्र में जाकर भिक्षुकों का डेटा पहले हार्ड कॉपी प्रपत्र में अंकित करेंगे और फिर उसे ऑनलाइन पोर्टल पर संधारित करेंगे. आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए यह पूरा सर्वेक्षण मोबाइल ऐप के माध्यम से संचालित किया जा रहा है ताकि डेटा की सटीकता सुनिश्चित की जा सके.
‘मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना’ एवं SMILE Scheme के अंतर्गत समाज कल्याण विभाग, बिहार द्वारा 38 जिलों में भिक्षावृत्ति में संलिप्त व्यक्तियों के राज्यव्यापी सर्वेक्षण का शुभारंभ।
— Social Welfare Department, Bihar (@DoSWBihar) February 27, 2026
मुख्य अतिथि — सचिव, समाज कल्याण विभाग, बिहार श्रीमती बन्दना प्रेयषी की गरिमामयी उपस्थिति में… pic.twitter.com/utsgJvge9A
क्या है मुहिम का उद्देश्य?
इस व्यापक मुहिम का मुख्य उद्देश्य केवल आंकड़े जुटाना नहीं, बल्कि भिक्षावृत्ति में संलिप्त व्यक्तियों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उनका प्रभावी पुनर्वास करना है. बांका सहित पूरे राज्य में यह सर्वेक्षण कार्य 30 मार्च 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है.
सर्वेक्षण के बाद चिह्नित व्यक्तियों को उचित देखरेख और कौशल विकास के जरिए समाज की मुख्यधारा में वापस लाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें. विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि भिक्षावृत्ति में संलिप्त व्यक्तियों की सूचना देने के लिए टोल फ्री नंबर 1800-345-6262 पर संपर्क करें, ताकि इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म कर एक सशक्त बिहार का निर्माण किया जा सके.
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Source: IOCL

























