बिहार चुनाव का एक रंग ये भी! कहीं अनंत सिंह जैसे बाहुबली… कहीं परिवार, मैदान में कौन-कौन?
Bihar Assembly Election 2025: सत्ताधारी दल से लेकर विपक्ष तक ने कहीं बाहुबली पर भरोसा जताया है तो कहीं से उनके परिवार को टिकट दिया गया है. डिटेल में पढ़िए पूरी खबर.

बिहार विधानसभा चुनाव (2025) में अलग रंग देखने को मिल रहा है. सत्ताधारी दल से लेकर विपक्ष तक ने कहीं बाहुबली पर भरोसा जताया है तो कहीं से उनके परिवार को टिकट दिया गया है. जेडीयू ने मोकामा से अनंत सिंह को प्रत्याशी बनाया है तो वहीं दानापुर से आरजेडी ने रीतलाल यादव को मौका दिया है. इस तरह बिहार की कई ऐसी सीटें हैं जिसकी चर्चा काफी हो रही है.
पहले एक नजर में कुछ नाम देख लें
- अनंत सिंह- मोकामा से जेडीयू ने बनाया प्रत्याशी
- वीणा देवी (सूरजभान सिंह की पत्नी)- मोकामा से आरजेडी ने मैदान में उतारा
- रीतलाल यादव- दानापुर- आरजेडी
- चेतन आनंद (आनंद मोहन के बेटे)- शिवहर से जेडीयू ने दिया टिकट
- अनीता देवी (अशोक महतो की पत्नी)- वारिसलीगंज से आरजेडी ने दिया टिकट
- धूमल सिंह- एकमा से जेडीयू ने बनाया प्रत्याशी
- अमरेंद्र पांडेय- कुचायकोट से जेडीयू ने बनाया प्रत्याशी
- ओसामा शहाब (शहाबुद्दीन के बेटे)- रघुनाथपुर से आरजेडी ने बनाया उम्मीदवार
- नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह- मटिहानी सीट से आरजेडी ने दिया टिकट
जिन सीटों पर ये सारे प्रत्याशी मैदान में हैं उन पर सबकी नजरें टिकी हैं. दूसरी ओर सियासी गलियारे में पार्टियां एक-दूसरे पर हमला भी कर रही हैं कि किसने किस बाहुबली या आपराधिक छवि वाले को प्रत्याशी बनाया. एनडीए के नेता ओसामा शहाब को लेकर हमला बोल रहे हैं तो वहीं महागठबंधन का कहना है कि अनंत सिंह को फिर टिकट क्यों दिया गया?
किसने क्या कहा?
एबीपी न्यूज़ से बातचीत में सूरजभान सिंह ने कहा कि मोकामा में एक समस्या है जिसका जवाब मुझसे बेहतर जनता देगी. सूरजभान सिंह ने कहा कि वर्तमान विधायक से सब लोग दुखी हैं, लेकिन हमसे कोई दुखी नहीं है. मेरे लिए सभी जाति-धर्म के लोग बराबर हैं. अनंत सिंह की ओर से गाली दिए जाने पर सूरजभान सिंह ने कहा कि वह मेरे लिए आशीर्वाद है.
वहीं अनंत सिंह ने एबीपी न्यूज़ से कहा कि जनता का उन्हें समर्थन मिल रहा है. सरकार के काम से जनता खुश है. विरोधियों की जमानत जब्त हो जाएगी. सभी महिलाएं कह रही हैं तीर छाप पर वोट देंगी. एक सवाल पर कहा कि कोई बाहुबली यहां नहीं टकराएगा.
एकमा विधानसभा सीट से जेडीयू ने अपने पुराने बाहुबली प्रत्याशी मनोरंजन सिंह उर्फ धूमल सिंह को प्रत्याशी बनाया है. इस सीट पर आरजेडी के श्रीकांत यादव का कब्जा है. एबीपी न्यूज़ से धूमल सिंह ने कहा कि मैं लोगों के लिए काम करता हूं इसलिए मुझे बाहुबली बताया जाता है. आम जनता से सीधे बात करता हूं. गरीबों की आवाज उठाता हूं. उनसे जुड़े मुद्दे को लेकर खड़ा रहता हूं.
नबीनगर सीट से मैदान में आनंद मोहन के बेटे
इस बार नबीनगर विधानसभा सीट भी चर्चा में है. यहां से बाहुबली नेता आनंद मोहन और शिवहर की सांसद लवली आनंद के बेटे चेतन आनंद चुनाव मैदान में हैं. जेडीयू ने अपना सिंबल देकर उन्हें उम्मीदवार बनाया है.
कुचायकोट विधानसभा से लगातार पांच बार विधायक रहे अमरेंद्र कुमार उर्फ पप्पू पांडेय ने इस बार छठी पारी के लिए पर्चा भरा है. पिछले चुनाव में कांग्रेस के बाहुबली नेता काली प्रसाद पांडेय को 20 हजार से अधिक वोटों से हराने वाले पप्पू पांडेय के समर्थक इस बार भी उन्हें अजेय मान रहे हैं. 2020 में उन्हें 74,359 वोट मिले थे.
कुचायकोट के लोग कहते हैं कि उनकी छवि बाहुबली हो सकती है, लेकिन असर जनता पर नहीं पड़ता. गांव-कस्बों में उनकी हाजिरी, संपर्क और राजनीतिक पकड़ ही उनकी असली ताकत मानी जाती है.
उधर नवादा की वारिसलीगंज विधानसभा सीट पर महागठबंधन के दो प्रमुख घटक दलों- राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस के बीच टकराव हो रहा है. आरजेडी ने बाहुबली नेता अशोक महतो की पत्नी अनीता देवी को सिंबल दिया है. वहीं कांग्रेस ने अपने नवादा जिलाध्यक्ष सतीश सिंह को इस सीट से उम्मीदवार घोषित कर दिया है. इससे महागठबंधन की एकता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. उधर बेगूसराय जिले के मटिहानी विधानसभा क्षेत्र से बाहुबली छवि वाले नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह को आरजेडी ने टिकट दिया है.
















