Bihar News: 92,000 करोड़ का हिसाब नहीं, CAG रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितता का बड़ा खुलासा
Bihar CAG Report News In Hindi: बिहार विधानसभा में CAG की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने विभिन्न योजनाओं के लिए खर्च किए गए 92,132 करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं किए हैं.

बिहार विधानसभा में गुरुवार को वित्त मंत्री बिजेंद्र यादव ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी CAG की 2024-25 के वित्तीय खातों की रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत की. चार खंडों में प्रस्तुत इस रिपोर्ट में एक बड़ा खुलासा हुआ है. बिहार सरकार ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए खर्च की गई 92 हजार 132 करोड़ रुपये की राशि के उपयोगिता प्रमाण पत्र अब तक जमा नहीं कराए हैं.
क्या होता है उपयोगिता प्रमाण पत्र
उपयोगिता प्रमाण पत्र एक आधिकारिक दस्तावेज है जो प्रमाणित करता है कि किसी सरकारी योजना या अनुदान के लिए मिली धनराशि का उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया गया है. जो रकम निर्धारित की गई थी वह उस योजना पर खर्च हुई या नहीं. यह दस्तावेज वित्तीय जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए CAG के नियमों के तहत अनिवार्य है. इसके बिना खर्च का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध नहीं होता और गबन या वित्तीय अनियमितता का खतरा बढ़ जाता है.
62 हजार से अधिक प्रमाण पत्र लंबित
रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च 2025 तक 92 हजार 132 करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाण पत्र बकाया हैं और कुल 62,632 उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित पाए गए हैं. इसका सीधा मतलब है कि इतनी बड़ी राशि का खर्च किस मद में और किस तरह हुआ इसका कोई आधिकारिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है.
पिछले साल भी था 70 हजार करोड़ का बकाया
यह कोई पहली बार नहीं है. पिछले साल जारी 2023-24 की CAG रिपोर्ट में भी लगभग 70 हजार करोड़ रुपये के उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित पाए गए थे. इस बार यह आंकड़ा और बढ़कर 92 हजार करोड़ से पार चला गया है, जो वित्तीय अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
इन विभागों पर उठे सवाल
CAG की इस रिपोर्ट में वाणिज्य-कर, कृषि, परिवहन, खनन, राजस्व एवं भूमि सुधार, शैक्षणिक अवसंरचना और अन्य बुनियादी ढांचों से जुड़े मामलों में कोताही और बकाये का उल्लेख किया गया है.
Source: IOCL

























