UGC New Rules: BJP मंत्री ने यूजीसी बिल पर मचे बवाल के बीच साफ किया रुख, 'बिहार और देश का…'
UGC Guidelines: लखेंद्र कुमार रौशन ने कहा है कि जो उच्च शिक्षण संस्थान हैं वहां सारे समाज के बच्चों को पढ़ने का अधिकार है, चाहे किसी भी समाज का बच्चा क्यों न हो. हाय तौबा मचाने का कोई औचित्य नहीं है.

यूजीसी बिल पर बवाल हो रहा है और सत्ता पक्ष के नेता इस पर कुछ बोलने से बच रहे हैं. जो नेता बोल रहे हैं वे इसके समर्थन में हैं. इस बीच बिहार बीजेपी के एक मंत्री ने इस पर बड़ा बयान दिया है. बिहार सरकार के मंत्री और बीजेपी नेता लखेंद्र कुमार रोशन ने साफ कहा है कि इस पर हाय तौबा मचाने का कोई औचित्य नहीं है. बुधवार (28 जनवरी, 2026) को बीजेपी के मंत्री लखेंद्र कुमार रौशन सहरसा में थे. अतिथि गृह में उन्होंने यूजीसी बिल पर बयान दिया.
'प्रधानमंत्री का मूल मंत्र है सबका साथ, सबका विकास'
लखेंद्र कुमार रौशन ने कहा कि जो उच्च शिक्षण संस्थान हैं वहां सारे समाज के बच्चों को पढ़ने का अधिकार है, चाहे किसी भी समाज का बच्चा क्यों न हो. देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मूल मंत्र है 'सबका साथ, सबका विकास', जिस प्रकार यूजीसी के मुद्दे पर बिहार और देश का विपक्ष हाय तौबा मच रहा है, घड़ियाली आंसू बहा रहा है, जो समाज को गलत दिशा में ले जाना चाहते हैं, वह समाज लंबे समय तक बिहार के जंगलराज से लड़ा है.
बीजेपी नेता ने कहा कि यूजीसी के मुद्दे पर विपक्षी पार्टियां जो हैं वह बिहार और देश के अंदर चाहते हैं समाज को मुख्यधारा से बांट देना, वो संभव नहीं है. यूजीसी कमेटी में अर्जुन सिंह हैं, जो चेयरमैन हैं. वो तो स्वयं सवर्ण समाज से हैं. रविशंकर प्रसाद वो स्वयं बिहार से हैं. संविधान में भी है राइट टू एजुकेशन, यानी सबको पढ़ने का अधिकार है. उस आधार पर यूजीसी ने फैसला लिया है. इस पर हाय तौबा मचाने का कोई औचित्य नहीं है.
सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई
बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार (28 जनवरी, 2026) को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (पीआईएल) पर जल्द सुनवाई करने पर सहमति जताई. गौरतलब हो कि यूजीसी ने 13 जनवरी को 'प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशन रेगुलेशन 2026' लागू किया. इसके तहत कई संस्थानों को समता समिति बनाने और भेदभाव विरोधी नीति लागू करने के निर्देश दिए गए थे. इसके बाद देशभर में विरोध वाली तस्वीर दिखी. जनहित याचिका मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की बेंच के सामने पेश की गई थी. अब सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई होगी.
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