बिहार की 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी मायावती की पार्टी, BSP नेता ने कहा- 'दलितों के नाम पर...'
Bihar Politics: राज्यसभा सांसद रामजी गौतम ने कहा कि बिहार में बसपा की लोकप्रियता और पार्टी के प्रति लोगों में उत्साह देखकर सरकार घबराई हुई है. हमारी सरकार आएगी तो हम शिक्षा का भी महाकुंभ करेंगे.

Bihar Assembly Election 2025: बिहार की राजधानी पटना में बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई. गाजे-बाजे और हाथी-घोड़े के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया. शोभायात्रा के बाद रवींद्र भवन में भव्य जयंती समारोह का आयोजन किया गया. मुख्य अतिथि के तौर पर बसपा के राज्यसभा सांसद और केंद्रीय प्रदेश प्रभारी रामजी गौतम भी शामिल हुए.
'BSP बिहार में ताकत के साथ उभर रही है'
रामजी गौतम ने गुरुवार (27 फरवरी) को कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती पर उत्साह एक बड़ी अंगड़ाई है और संदेश दे रहा है कि आने वाले समय में बसपा बिहार में बहुत ताकत के साथ उभर रही है. उन्होंने कहा कि पार्टी इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी जोर-शोर से कर रही है. हम किसी की आस्था और कुंभ का विरोध नहीं करते, लेकिन हमारा मानना है कि शिक्षा का भी कुंभ होना चाहिए. देश शिक्षा और तकनीक के दम पर आगे बढ़ेगा. जब हमारी सरकार आएगी तो शिक्षा का भी महाकुंभ करेंगे.
'BSP के प्रति लोगों का उत्साह देखकर सरकार घबराई'
बसपा प्रदेश प्रभारी अनिल कुमार ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास की जयंती समारोह में समस्त बिहार से बहुजन समाज के लोग शामिल हुए. इस दौरान हमने संकल्प लिया कि हम सभी गुरु रविदास जी के बताए मार्ग पर चलेंगे और उनके सपनों का भारत बनाएंगे. राज्य में बसपा की लोकप्रियता पर उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रति लोगों में उत्साह देखकर सरकार भी घबराई हुई है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह कार्यक्रम पहले मिलर हाई स्कूल में होना तय हुआ था, लेकिन ऐन वक्त पर सरकार ने इसे रद्द करा दिया.
'BSP 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी'
उन्होंने कहा कि बसपा आने वाले विधानसभा चुनाव में सभी 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी. दलितों के नाम पर राजनीति करने वाले बहुत हैं, लेकिन उनके उत्थान की बात करने वाला कोई नहीं है. उपस्थित सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संत रविदास के विचारों और शिक्षा को आत्मसात करने की बात कही. उन्होंने कहा कि संत रविदास का जीवन समरसता, समानता और सामाजिक न्याय का प्रतीक है, जिससे हमें प्रेरणा लेनी चाहिए.
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Source: IOCL






















