VIDEO: लीजिए! UGC पर विरोध के बीच बिहार में भोजपुरी गाना रिलीज, निशाने पर PM मोदी
UGC New Guidelines: यूजीसी बिल को लेकर सामान्य वर्ग यानी सवर्ण समाज इससे नाराज दिख रहा है. इसको लेकर देश भर में बवाल मचा है. इस बीच इस पर बना भोजपुरी गाना वायरल हो रहा है.

बिहार के भोजपुरी सिंगर और गाने के लेखक भी गजब हैं. कोई भी मुद्दा होता है तो तुरंत गाने रिलीज कर दिए जाते हैं. लिखने वाला लिख देता है और उसे गाने वाला गाकर यूट्यूब पर रिलीज कर देता है. देश में ताजा मामला यूजीसी का चल रहा है. विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियम प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टिट्यूशन रेगुलेशन, 2026 को लेकर एक तरफ विवाद हो रहा है तो दूसरी ओर इस पर भोजपुरी गाना आ गया है जो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.
दरअसल, यूजीसी बिल को लेकर सामान्य वर्ग यानी सवर्ण समाज इससे नाराज दिख रहा है. यही कारण है कि देश भर में बवाल मचा है. बिहार में भी सवर्ण समाज का छात्र संगठन इसका विरोध कर रहा है. यूजीसी के विरोध पर जो भोजपुरी गाना बना है उसमें पीएम मोदी को निशाने पर लिया गया है.
'हमनिए से अब तू त कई देलअ गेम हो…'
यूजीसी बिल के विरोध में जो गाना सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है उसके जरिए यह बताया जा रहा है कि जिन लोगों के चलते नरेंद्र प्रधानमंत्री बने हैं आज उन्होंने उन्हीं लोगों के साथ गेम कर दिया है. गाने के बोल हैं, "हमनी के बल पर तू भइलअ पीएम हो… हमनिए से अब तू त कई देलअ गेम हो… का चीज ह बतावे के पड़ी… यूजीसी कानून नाही हटी त मोदी के सत्ता से हटावे के पड़ी… राजपूत, ब्राह्मण भूमिहार के अब आपन आवाज उठावे के पड़ी…"
UGC रेगुलेशन पर भोजपुरी इंडस्ट्री में बना गाना, गाने के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं सवर्ण समाज के भोजपुरी गायक pic.twitter.com/IhCdgYN6Sq
— छपरा जिला 🇮🇳 (@ChapraZila) January 27, 2026
क्या है यूजीसी का नया नियम?
बताया जा रहा है कि नए नियम की जरूरत एससी, एसटी और अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के साथ होने वाले जातिगत भेदभाव को रोकना और उस पर निगरानी रखना है. नए Equity Rule के तहत सभी यूनिवर्सिटी, कॉलेज और उच्च शिक्षण संस्थानों को 24x7 हेल्पलाइन, Equal Opportunity Centre, Equity Squads और Equity Committee का गठन करना होगा. अगर कोई संस्थान इन नियमों का पालन नहीं करता है तो यूजीसी उनकी मान्यता रद्द करने या फंड रोकने जैसी सख्त कार्रवाई कर सकता है. इस बिल के बाद लगातार विरोध हो रहा है. कहा जा रहा है कि सीधे तौर पर उच्च जातियों के छात्रों को अपराधी बना दिया गया है.
Source: IOCL


























