धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरे रितेश पांडेय, बोले- अर्थ का अनर्थ मत करिए
भोजपुरी गायक रितेश पांडेय ने धीरेंद्र शास्त्री का समर्थन किया है. उन्होंने राम-कृष्ण विवाद पर कहा कि कथावाचक की बात का गलत अर्थ निकाला जा रहा है. धर्म के नाम पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.

भोजपुरी गायक रितेश पांडेय भगवान राम और भगवान कृष्ण को लेकर दिए गए कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान के समर्थन में उतर आए हैं. बुधवार (04 नवंबर, 2026) उन्होंने वीडियो बयान जारी करते हुए धीरेंद्र शास्त्री का बचाव करते हुए कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला जा रहा है. उन्होंने लोगों से भगवान राम और कृष्ण के नाम पर विवाद पैदा नहीं करने की अपील की. उन्होंने पर इस राजनीति करने वालों को भी आड़े हाथ लिया है.
रितेश पांडेय ने कहा कि भगवान राम और भगवान कृष्ण दोनों ही भगवान विष्णु के अवतार हैं. भगवान राम 12 कलाओं और भगवान कृष्ण 16 कलाओं के साथ अवतरित हुए थे.
उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री की आलोचना करने वालों से अपील की कि उनकी बातों का गलत मतलब न निकाला जाए. उन्होंने कहा कि कथावाचक ने व्यासपीठ पर भाव में आकर कुछ कह दिया तो उनके खिलाफ एफआईआर की मांग की जा रही है.
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'जो भी कहा भाव वश कह दिया...'
रितेश पांडेय ने कहा, "दोस्तों आजकल जो विवाद पैदा किया जा रहा है, भगवान राम और भगवान कृष्ण का नाम लेकर... भगवान श्रीराम इन्हीं श्री हरि विष्णु अर्थात नारायण के 12 कलाओं के साथ अवतरित हुए हैं... और भगवान श्री कृष्ण 16 कलाओं के साथ... तो पूजनीय धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री महाराज के ऊपर उंगली उठाने वाले महानुभावों आप से निवेदन है कि आप लोग अर्थ का अनर्थ मत करिए, उन्होंने जो भी कहा है कि भाव में आकर कहा है..."
जय श्रीमन नारायण 🙏🏻 https://t.co/saSfsYnrYn
— Ritesh Pandey (@riteshpandeyrp) November 4, 2026
आगे कहा, "भाव में तो भगवान राम ने भी जनकपुर में गारी गीत सुनी थी. एक व्यासपीठ पर बैठे कथावाचक ने भाव वश कुछ कह दिया, तो आप उन पर एफआईआर करवा रहे हैं. जब दूसरे अधर्मी देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करते हैं तो आप कोई एक्शन नहीं लेते... कोई एफआईआर नहीं करवाते. जो लोग भी इस पर राजनीति कर रहे हैं उनसे निवेदन है कि बांटने की राजनीति मत करिए."
धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम-कृष्ण पर क्या कहा था?
यह विवाद मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित रामकथा के दौरान शुरू हुआ. 29 अक्टूबर को धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान राम और कृष्ण के स्वरूप की तुलना की थी. उन्होंने कहा था कि भगवान राम सीधे खड़े होते हैं, जबकि भगवान कृष्ण तीन जगह से टेढ़े होकर खड़े होते हैं. राम का नाम और अयोध्या सीधा है, जबकि कृष्ण का नाम और वृंदावन टेढ़ा है.
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