बिहार में चुनाव से पहले AIMIM का बड़ा ऐलान, बढ़ सकती है महागठबंधन की टेंशन, NDA को होगा फायदा?
Bihar Assembly Election 2025: एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरुल ईमान ने कहा कि 100 से ज्यादा सीटों पर लड़ने की तैयारी हो रही है. यकीनन 50 के आसपास सीटों पर लड़ेंगे.

Bihar Assembly Election 2025: बिहार में इसी साल (2025) विधानसभा का चुनाव है. इससे पहले खूब बयानबाजी भी हो रही है. इसी कड़ी में असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी के नेता और विधायक अख्तरुल ईमान (Akhtarul Iman) ने बड़ा बयान दे दिया है. बयान और दावे से महागठबंधन की टेंशन बढ़ सकती है. एनडीए को 2025 के चुनाव में फायदा हो सकता है.
एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरुल ईमान ने मंगलवार (04 मार्च) को एबीपी न्यूज़ से कहा कि 100 से ज्यादा सीटों पर लड़ने की तैयारी हो रही है. 25 जिलों में हमारा संगठन तैयार हो गया है. पिछली बार 18 सीटों पर लड़े थे. इस बार उससे दोगुने से ज्यादा सीटों पर लड़ेंगे. यकीनन 50 के आसपास सीटों पर लड़ेंगे.
अख्तरुल ईमान ने कहा कि बिहार में थर्ड फ्रंट बनाएंगे. अपनी विचारधारा वाले दलों को साथ जोड़ेंगे. सांप्रदायिक शक्तियों को रोकेंगे. बिहार में कुछ पार्टियां चाहती हैं कि मुस्लिम लीडरशिप आगे न बढ़े तब ही न हमारे चार विधायकों को आरजेडी ने तोड़ लिया था. हमारी पार्टी दलित अकलियतों की आवाज है.
'ऐसे में बीजेपी नहीं जीतेगी'
अख्तरुल ईमान ने आगे कहा, "ओवैसी साहब का पूरे बिहार में दौरा होने वाला है. सीमांचल, मिथिलांचल, चंपारण, मगध और भागलपुर में हमारी पार्टी विधानसभा चुनाव लड़ेगी." एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमारे लड़ने से मुस्लिम वोटों का बंटवारा क्यों होगा? बीजेपी को क्यों हम फायदा पहुंचाएंगे? महागठबंधन वाले माइनॉरिटी वोटों के सौदागर हैं. उन लोगों से कहिए जहां हम लोग नामांकन करेंगे वहां वह लोग न करें. ऐसे में बीजेपी नहीं जीतेगी.
अख्तरुल ईमान ने कहा कि मुसलमानों के मुद्दों को हम लोग उठाते हैं. हम लोगों को चुनाव लड़ने का हक है. सेक्युलर पार्टियां हम लोगों को चुनाव लड़ने दे और बीजेपी को हराने दे. पिछली बार (2020 में) पांच विधायक हमारे जीत कर आए थे. उससे ज्यादा इस बार चौंकाएंगे.
आरजेडी ने कहा- हम लोगों को कोई खतरा नहीं
आरजेडी के विधायक इजहार असफी ने कहा कि ओवैसी की पार्टी से हम लोगों को कोई खतरा नहीं है. यह पार्टी हम लोगों के लिए बिहार में कोई चुनौती नहीं है. बता दें कि 2020 में यह (इजहार असफी) ओवैसी की पार्टी से जीते थे, लेकिन कुल चार विधायकों के साथ आरजेडी ने बाद में आ गए. ओवैसी की पार्टी अगर बिहार में अच्छा प्रदर्शन करेगी तो महागठबंधन को नुकसान और एनडीए को फायदा हो सकता है.
यह भी पढ़ें- Bihar Assembly Session: सदन में उठा शिक्षकों के ट्रांसफर का मुद्दा, शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कह दी बड़ी बात
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























