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10 हजार के बाद अब मिलने लगा 2 लाख रुपया? CM नीतीश कुमार ने कहा- 'मुझे बताते हुए…'

Mukhyamantri Mahila Rojgar Yojana: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहते पैसे दिए जाने हैं. सीएम ने कहा कि चयनित लाभुकों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है.

'मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना' के तहत 10-10 हजार रुपये कई लाभुकों को दिए गए हैं. अब ऐसे लाभुकों को स्कीम के तहत दो लाख रुपये का भी इंतजार है. इस बीच गुरुवार (29 जनवरी, 2026) को बिहार के मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अपने एक्स हैंडल से पोस्ट करते हुए ताजा जानकारी दी.

नीतीश कुमार ने कहा, "मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत चयनित लाभुकों को दो लाख रुपया तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करने हेतु कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है. यह राशि चरणों में दी जाएगी बशर्ते कि पूर्व में दी गई राशि का रोजगार करने हेतु सदुपयोग किया गया हो. अच्छा रोजगार चलने की स्थिति में आवश्यकतानुसार एकमुश्त राशि भी दी जा सकेगी.

सीएम ने कहा, "विभाग को निर्देश दिया गया है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजनान्तर्गत लाभुकों द्वारा उत्पादित वस्तुओं की मार्केटिंग की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए. साथ ही इन लाभार्थियों को विभिन्न सरकारी विभागों के कार्यों से भी जोड़ा जाए जैसे- पोशाक निर्माण, सुधा बिक्री केंद्र, दीदी की रसोई इत्यादि."

एक करोड़ 56 लाख को दी गई है 10 हजार की राशि

अपने एक्स पोस्ट के माध्यम से मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि प्रत्येक परिवार की एक महिला उद्यमी के रूप में स्थापित हो सके. प्रथम चरण में प्रत्येक परिवार की एक महिला को 10 हजार की राशि प्रदान की गई है. अब तक एक करोड़ 56 लाख लाभुकों के खाते में राशि भेज दी गई है. ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में शेष आवेदकों को भी नियमानुसार डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में शीघ्र ही राशि भेज दी जाएगी.

उन्होंने कहा, "इस योजना में महिलाओं द्वारा रोजगार शुरू करने के 6 माह बाद आकलन करते हुए आवश्यकतानुसार दो लाख तक की अतिरिक्त सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है. इस योजना के क्रियान्वयन से न सिर्फ महिलाओं की स्थिति और ज्यादा मजबूत होगी बल्कि राज्य के अंदर ही उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे तथा रोजगार के लिए मजबूरी में लोगों को राज्य से बाहर नहीं जाना पड़ेगा."

यह भी पढ़ें- UGC New Rules: 'किसी के साथ अन्याय नहीं होगा', यूजीसी के नए नियम पर रोक लगी तो बोले पवन सिंह

सक्रिय पत्रकारिता में अजीत कुमार लगभग 10 वर्षों से कार्यरत हैं. वर्ष 2016 में दैनिक जागरण समाचार-पत्र से इन्होंने ट्रेनी सब-एडिटर के रूप में अपनी पारी की शुरुआत पटना से की. देश के कई बड़े मीडिया संस्थानों में इन्होंने अपनी सेवाएं दी हैं, जिनमें दैनिक जागरण, ईटीवी भारत, दैनिक भास्कर आदि शामिल हैं.

वर्तमान में इनका कार्यक्षेत्र बिहार है और ये एबीपी लाइव में 'चीफ कॉपी एडिटर' के पद पर कार्यरत हैं. एबीपी डिजिटल के बिहार सेक्शन को लीड करते हैं. बिहार की खबरों पर इनकी पैनी नजर रहती है चाहे वह राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ी हुई खबरें हों या फिर अपराध या अन्य सामाजिक सरोकार की. खबरों को एंगल देने में और हेडिंग बनाने में महारथ हासिल है.

सही समय पर निष्पक्ष रूप से कई समाचार इनके प्रकाशित हो चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज भी शामिल हैं. पत्रकारिता में इन्होंने स्नातक के साथ परास्नातक तक की पढ़ाई की है. इनसे ajeetk@abpnetwork.com पर संपर्क किया जा सकता है.

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