फिटनेस के मामले में मेरे करियर पर चार चांद लगाने वाले शंकर बासु ही थे: विराट कोहली
विराट कोहली अपने बेहतरीन फॉर्म के लिए जाने जाते हैं और इसके पीछे एक ही कारण है वो है विराट की फिटनेस. विराट ने अपनी फिटनेस का श्रेय टीम के पूर्व स्ट्रेंथ कोच शंकर बासु को दिया है. विराट ने कहा है कि बासु ही उनके करियर को एक दूसरे लेवल पर लेकर गए.

विराट कोहली को आज दुनिया का सबसे फिट क्रिकेटर कहा जाता है. टीम इंडिया का कप्तान अपनी बल्लेबाजी से लेकर फील्डिंग तक बार बार ये साबित करता है कि उनसे फिट फिलहाल कोई नहीं. चाहे यो यो टेस्ट हो या मैच से पहले ट्रेनिंग विराट की फिटनेस देखने लायक होती है. लेकिन कुछ सालों पहले विराट की फिटनेस इतनी टॉप क्लास नहीं थी. ऐसे में जिस शख्स ने विराट की जिंदगी बदल दी उनका नाम है शंकर बासु.
कप्तान विराट कोहली ने अपनी फिटनेस का श्रेय भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्ट्रेंथ और अनुकूलन कोच शंकर बासु को देते हुए रविवार को कहा कि वह जब तक क्रिकेट खेलेंगे तब तक पूरे ‘जुनून’ के साथ फिटनेस के लिए ऐसे ही मेहनत करते रहेंगे. कोहली देश के शीर्ष फुटबॉलर सुनील छेत्री के साथ इंस्टाग्राम पर लाइव सत्र कर रहे थे. फिटनेस को लेकर खुद में आयी परिवर्तन के बारे में बात करते हुए कोहली ने कहा कि वह इसका श्रेय अपने आप को नहीं देंगे.
कोहली ने कहा, ‘‘यह (फिटनेस और प्रशिक्षण) मेरे लिए सब कुछ है, मैं इसका श्रेय खुद नहीं लूंगा,. मेरे करियर को अगले स्तर तक ले जाने का श्रेय शंकर बासु को जाता है.’’
कोहली ने फुटबॉल टीम के राष्ट्रीय कप्तान से कहा, ‘‘वो (बासु) आरसीबी (रॉयल चैलेंजर बैंगलोर) में एक प्रशिक्षक थे, उन्होंने मुझे वजन उठाने के लिए कहा. मैं थोड़ा हिचकिचा रहा था क्योंकि मुझे पीठ दर्द की शिकायत थी. यह मेरे लिए बिल्कुल नया था. लेकिन मुझे तीन हफ्तों के भीतर जो परिणाम मिला वह चकित करने वाला था.’’
मौजूदा क्रिकेटरों में सबसे फिट खिलाड़ियों में माने जाने वाले कोहली ने कहा, ‘‘ इसके बाद उन्होंने मेरे खान-पान पर काम किया, मैंने ध्यान देना शुरू किया कि मेरे शरीर के साथ क्या हो रहा है. जब मुझे एहसास हुआ कि मेरी शारीरिक बनावट के कारण मुझे अपने शरीर पर दो या तीन बार काम करना पड़ेगा. मैं वही कर रहा हूं जो मेरे करियर के लिए जरूरी है.’’
प्रशिक्षण और अभ्यास के समय के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘ जब तक मैं खेल खेल रहा हूं तब तक पूरे जुनून के साथ इसे जारी रखूंगा. अगर आप देश के लिए खेल रहे हैं, तो आपको कड़ी मेहनत करनी होगी, अगर आप ऐसा नहीं कर सकते, तो आपको खेल से दूर जाना चाहिए.’’
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