कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के नाम 4 मेडल, ऋषिकांत और राजा मुथुपांडी ने रचा इतिहास
2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में अब तक भारत के नाम 4 मेडल हो गए हैं. भारत की झोली में अब तक एक गोल्ड, दो सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल है. मीराबाई चानू ने देश को पहला गोल्ड दिलाया है.

2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में ऋषिकांत सिंह और राजा मुथुपांडी ने इतिहास रच दिया. इन दोनों एथलीट्स ने भारत को झोली में सिल्वर मेडल डाले. इससे पहले मीराबाई चानू ने देश को पहला गोल्ड मेडल दिलाया. ग्लासगो में खेले जा रहे राष्ट्रमंडल खेलों में अब तक भारत के नाम कुल 4 मेडल हो गए हैं.
वेटलिफ्टिंग में ओलंपिक मेडल विजेता मीराबाई चानू ने रविवार को गोल्ड मेडल जीता. इसी इवेंट में ऋषिकांत सिंह और राजा मुथुपांडी अपने अपने भार वर्गों ने ऐतिहासिक सिल्वर मेडल जीतकर भारत के लिए दिन को यादगार बनाया.
2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में की मेडल टैली (पदक तालिका) में भारत आठवें स्थान पर है, जबकि 14 गोल्ड, आठ सिल्वर और 11 ब्रॉन्ज समेत कुल 33 पदकों के साथ ऑस्ट्रेलिया नंबर-1 है. म
महिलाओं के 48 किलोग्राम वर्ग में मीराबाई ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 190 किलोग्राम (स्नैच में 85 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 105 किग्रा) वजन उठाया. इस दौरान उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों के कई रिकॉर्ड भी तोड़ दिए. यह मौजूदा राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का पहला स्वर्ण पदक और कुल तीसरा पदक रहा.
इसके बाद पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में ऋषिकांत सिंह चोट के बावजूद सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहे. घुटने की चोट के कारण वह गोल्ड मेडल की दौड़ में अपनी बढ़त बरकरार नहीं रख सके. मणिपुर के 28 वर्षीय भारोत्तोलक ने स्नैच में 121 किलोग्राम वजन उठाकर राष्ट्रमंडल खेलों के रिकॉर्ड की बराबरी की और क्लीन एवं जर्क से पहले शीर्ष स्थान पर थे. वह हालांकि क्लीन एंड जर्क में 143 किलोग्राम ही उठा सके. अंतिम दो प्रयास असफल रहने से उनका कुल वजन 264 किलोग्राम रहा और उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा. मलेशिया के मोहम्मद अनीक कसदान ने क्लीन एवं जर्क में 152 किलोग्राम का इन खेलों का नया रिकॉर्ड बनाते हुए कुल 273 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि केन्या के जोशुआ अमुंगा म्बोया 260 किलोग्राम के साथ कांस्य पदक विजेता रहे.
राजा मुथुपांडी ने अपने डेब्यू (पदार्पण) को यादगार बनाते हुए रात के सत्र में पुरुषों के 65 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता. मुथुपांडी ने स्नैच में 126 किग्रा और क्लीन एवं जर्क में 160 किग्रा वजन उठाया, जिससे उनका कुल भार 286 किग्रा रहा. मलेशिया के मुहम्मद अजनिल बिन बिदिन ने राष्ट्रमंडल खेलों के रिकॉर्ड के साथ कुल 299 किग्रा वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता, जबकि पापुआ न्यू गिनी के मोरिया बारू ने 282 किग्रा के कुल भार के साथ कांस्य पदक हासिल किया.
इससे पहले शुक्रवार को पैरा पावरलिफ्टर झंडू कुमार ने पुरुषों के हेवीवेट वर्ग में कांस्य पदक जीतकर भारत का खाता खोला था. मणिपुर की 31 वर्षीय दिग्गज भारोत्तोलक ने स्नैच और क्लीन एवं जर्क, दोनों में पहला प्रयास असफल रहने के बावजूद शानदार वापसी की और 22 किलोग्राम के बड़े अंतर से स्वर्ण पदक अपने नाम किया.
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