एमएस धोनी की मानसिक दृढ़ता ने उन्हें स्पेशल बना दिया: टटेंडा टायबू
टायबू ने कहा है कि महेंद्र सिंह धोनी के पास विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी की अलग तकनीक है, लेकिन उनका आंख-हाथ का संयोजन और मानसिक ताकत उन्हें वो बनाती है जो वो हैं.

पूरी दुनिया में अभी भी लॉकडाउन चल रहा है. ऐसे में ज्यादातर क्रिकेटर्स ने अपनी ट्रेनिंग को फिर से शुरू कर दिया है. लेकिन सोशल मीडिया पर उनका एक्टिव होना अभी भी नहीं छूटा है और वो लगातार अपने फैंस और साथी क्रिकेटर्स से बात कर रहे हैं. इसमें सबसे ज्यादा बात अगर किसी क्रिकेटर की हो रही है तो वो हैं टीम इंडिया के पूर्व कप्तान एमएस धोनी. साल 2019 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल के बाद धोनी ने टीम के लिए एक भी मैच नहीं खेला. आईपीएल ट्रेनिंग सेशन की शुरूआत हुई और धोनी ने पसीना बहाना शुरू कर दिया. फैंस को लगा इस खिलाड़ी को हम एक बार फिर से खेलता हुआ देख पाएंगे. लेकिन कोरोना ने पूरे टूर्नामेंट को रद्द कर दिया. लेकिन लॉकडाउन के बावजूद भी वर्तमान और पूर्व क्रिकेटर्स धोनी की तारीफ करते रहते हैं. ऐसे में जिम्बाब्वे के पूर्व कप्तान टटेंडा टायबू ने कहा है कि महेंद्र सिंह धोनी के पास संयोजन और मानसिक ताकत है जो उन्हें स्पेशल बनाती है.
टायबू ने कहा है कि महेंद्र सिंह धोनी के पास विकेटकीपिंग और बल्लेबाजी की अलग तकनीक है, लेकिन उनका आंख-हाथ का संयोजन और मानसिक ताकत उन्हें वो बनाती है जो वो हैं. टायबू ने फैन प्ले स्पोटर्स रूलर 'इनसाइड आउट बैग्स' के यूट्यूब चैनल पर कहा, "पहली बार जब मैंने धोनी को देखा था, अगर मैं ईमानदारी से कहूं तो.. वह इंडिया-ए की टीम से खेल रहे थे. मुझे लगा था कि दिनेश कार्तिक, धोनी से ज्यादा नैसर्गिक खिलाड़ी थे. और कीपिंग में वो ज्यादा स्वाभाविक हैं. बल्लेबाजी में भी वो ज्यादा स्वाभाविक हैं."
उन्होंने कहा, "धोनी जिस तरह से अपने हाथ रखते हैं वो अलग है, वे अपने हाथ एक साथ नहीं रखते हैं, जैसे रखे जाते हैं, दोनों छोटी उंगलियां चिपकाकर. जब वो गेंद को पकड़ते हैं तो उनके हाथ हमेशा ऐसे नहीं रहते." उन्होंने कहा, "लेकिन वो हमेशा गेंद को पकड़ने में और तेजी से अपने पास लाने में सफल होते हैं जो एक अलग तकनीक है..जो काफी अलग."
पूर्व विकेटकीपर ने कहा, "यही बात उनकी बल्लेबाजी में भी लागू होती है.. उनकी अलग तकनीक है, उनके आंख-हाथ का संयोजन शानदार है. लेकिन मुझे लगता है कि सिर्फ आंख-हाथ का संयोजन नहीं, बल्कि उनकी मानसिक ताकत भी है."
जिम्बाब्वे के पूर्व खिलाड़ी ने कहा कि ट्रेनिंग कैसे करनी है इसे लेकर उन्होंने भारत के महान बल्लेबाजों सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ से काफी कुछ सीखा है.
Source: IOCL


























