RCB की प्लेइंग XI में बदलाव तय! यश दयाल की जगह किसे मिलेगा मौका, टीम के पास है दमदार बेंच स्ट्रेंथ
यश दयाल के बाहर होने के बाद RCB के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. मंगेश यादव, रसिख सलाम और अभिनंदन सिंह जैसे खिलाड़ी उनकी जगह लेने की रेस में हैं. अब देखना होगा कि प्लेइंग XI में किसे मौका मिलता है.

आईपीएल 2026 से पहले डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को बड़ा झटका लगा है. टीम के तेज गेंदबाज यश दयाल पूरे सीजन से बाहर हो गए हैं. फ्रेंचाइजी ने साफ किया है कि वह व्यक्तिगत कारणों की वजह से उपलब्ध नहीं रहेंगे. हालांकि, वह टीम के कॉन्ट्रैक्ट में बने हुए हैं.
RCB के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब यह है कि उनकी जगह प्लेइंग इलेवन में कौन लेगा. क्योंकि टीम उन्हें रिलीज नहीं कर सकती, ऐसे में बाहर से कोई नया खिलाड़ी भी नहीं जोड़ा जा सकता है. इसका मतलब है कि RCB को अपने मौजूदा स्क्वॉड से ही विकल्प तलाशने होंगे.
मंगेश यादव: सबसे बड़ा दावेदार
यश दयाल की जगह लेने के लिए सबसे मजबूत नाम मंगेश यादव का सामने आ रहा है. वह भी लेफ्ट आर्म तेज गेंदबाज हैं, इसलिए टीम को वही एंगल और वैरायटी मिल सकती है जो दयाल देते थे. हाल ही में टीम के अंदरूनी मैचों में उनका प्रदर्शन भी अच्छा रहा है, जिससे उनकी दावेदारी और मजबूत हो गई है.
रसिख सलाम: डेथ ओवर्स के स्पेशलिस्ट
दूसरा बड़ा विकल्प रसिख सलाम हैं. वह राइट आर्म मीडियम पेसर हैं और अपनी स्लोअर गेंदों के लिए जाने जाते हैं. टी20 क्रिकेट में उनका अनुभव भी काफी अच्छा है. 42 मैचों में 50 विकेट लेने वाले इस गेंदबाज को खासकर मिडिल और डेथ ओवर्स में इस्तेमाल किया जा सकता है.
अभिनंदन सिंह: युवा जोश का मौका
तीसरे विकल्प के तौर पर अभिनंदन सिंह का नाम भी चर्चा में है. वह पिछले सीजन में RCB की खिताबी टीम का हिस्सा थे. यूपी टी20 लीग में उनके प्रदर्शन ने काफी प्रभावित किया था. 11 मैचों में 15 विकेट लेने वाले इस गेंदबाज को मौका मिल सकता है, खासकर अगर टीम युवा खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाती है.
टीम के सामने संतुलन की चुनौती
यश दयाल पिछले सीजन में RCB के लिए अहम खिलाड़ी रहे थे. उनकी गैरमौजूदगी में टीम को अपने गेंदबाजी कॉम्बिनेशन में बदलाव करना पड़ेगा. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम मैनेजमेंट अनुभव को प्राथमिकता देता है या युवा खिलाड़ियों को मौका देता है. आईपीएल 2026 में इस बार RCB अपने खिताब को बचाने उतरेगी.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL


















