वनडे, टी-20 में कैसा रहा है रॉबिन उथप्पा का रिकॉर्ड, आज उनके जन्मदिन पर जानिए सभी आंकड़े
Robin Uthappa Birthday: भारत के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा आज अपना 40वां जन्मदिन मना रहे हैं. ऐसे में इस खास मौके पर जानते हैं कि रॉबिन का वनडे और टी20 इंटरनेशनल में रिकॉर्ड कैसा रहा है?

Robin Uthappa Stats In ODIs & T20Is: टीम इंडिया के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा का जन्मदिन है और वे आज 40 साल के हो गए हैं. 11 नवंबर 1985 को कर्नाटक में पैदा हुआ ये खिलाड़ी विकेटकीपिंग के साथ-साथ अपने आक्रामक बल्लेबाजी के लिए भी जाने जाते हैं. रॉबिन ने अपनी बल्लेबाजी से कई मैचों में भारतीय टीम को जीत दिलाई है. आइए आज उनके जन्मदिन पर वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनके रिकॉर्ड पर एक नजर डालते हैं.
वनडे करियर में प्रदर्शन
रॉबिन उथप्पा ने अपने वनडे करियर की शुरुआत 2006 में इंग्लैंड के खिलाफ की थी. उन्होंने कुल 46 वनडे मैच खेले, जिसमें 42 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 934 रन बनाए. उनका औसत 25.94 और स्ट्राइक रेट 90.59 रहा. उन्होंने वनडे में 6 अर्धशतक लगाए और उनका बेस्ट स्कोर 86 रन रहा. हालांकि, रॉबिन अपने वनडे करियर में कोई शतक नहीं लगा पाए और आखिरी वनडे मैच 2015 में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला था.
टी20 अंतरराष्ट्रीय में प्रदर्शन
रॉबिन उथप्पा ने अपने टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत 2007 के टी20 विश्व कप में स्कॉटलैंड के खिलाफ की थी. उन्होंने कुल 13 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले, जिसमें 12 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 249 रन बनाए. उनका औसत 20.75 और स्ट्राइक रेट 118.57 रहा. टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनका एकमात्र अर्धशतक 2007 में पाकिस्तान के खिलाफ आया, जब उन्होंने 39 गेंदों पर 50 रन बनाया था. रॉबिन ने अपना आखिरी टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच भी 2015 में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला था.
2007 टी20 विश्व कप का अहम हिस्सा
रॉबिन उथप्पा को 2007 के उद्घाटन टी20 विश्व कप में भारत की जीत के लिए हमेशा याद किया जाता है. पाकिस्तान के खिलाफ ग्रुप स्टेज मैच में, जब भारत 39/4 पर मुश्किल में था, तब उन्होंने 50 रन बनाकर टीम को संकट से निकाला था. उस मैच में "बॉल आउट" में भी रॉबिन ने स्टंप्स पर हिट करके जीत पक्की करने में अहम भूमिका निभाई थी.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास
लंबे समय तक टीम इंडिया से बाहर रहने के बाद, रॉबिन उथप्पा ने सितंबर 2022 में भारतीय क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था. हालांकि, उनका वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर उतना लंबा नहीं रहा जितना आईपीएल में था, लेकिन उन्होंने कुछ यादगार पारियां खेलकर अपनी छाप छोड़ी है. खासकर 2007 के विश्व कप में उनका योगदान आज भी भारतीय क्रिकेट फैंस के जेहन में ताजा है.
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