एक्सप्लोरर

Commonwealth Games: 1930 में पहली बार हुआ था राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन, एक क्लासरूम में सोते थे दो दर्जन खिलाड़ी

First Commonwealth Games: सबसे पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन कनाडा के हैमिल्टन में साल 1930 में हुआ था.

Commonwealth Games History: कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games) का इतिहास आज से 92 साल पुराना है. 1930 में पहली बार इन खेलों का आयोजन हुआ था. हालांकि तब इन खेलों को 'ब्रिटिश एम्पायर गेम्स' के नाम से शुरू किया गया था. 1950 तक यह खेल इसी नाम से पहचाने जाते रहे. आगे तीन बार इस खेल के नामों में बदलाव हुआ. 1954 से इन खेलों को ब्रिटिश एम्पायर एंड कॉमनवेल्थ गेम्स के नाम से पुकारा जाने लगा, जो कि 1966 तक जारी रहा. इसके बाद 1970 और 1974 में इन खेलों को ब्रिटिश कॉमनवेल्थ गेम्स कहा गया. 1978 से इनका नाम कॉमनवेल्थ गेम्स रखा गया जो अब तक जारी है.

इन खेलों को शुरू करने का श्रेय कनाडा के एक शख्स बॉबी रॉबिन्सन (Bobby Robinson) को जाता है. बॉबी रॉबिन्सन तब स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट थे, हालांकि वह एथलेटिक्स कोच भी रह चुके थे. उन्हीं की कोशिशों ने इन खेलों के आयोजन की नींव रखी. बॉबी रॉबिन्सन ने आखिर क्यों इन खेलों को शुरू किया और इसके लिए क्या कोशिशें कीं, इस पर हम कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास पर आधारित हमारे अगले आर्टिकल में बताएंगे. फिलहाल, हम यहां आपको 92 साल पहले हुए इसके पहले आयोजन की कहानी सुना रहे हैं.

16 अगस्त 1930 को कनाडा के हैमिल्टन में ब्रिटिश एम्पायर गेम्स का आयोजन हुआ. कुल 8 स्पोर्ट्स के 59 इवेंट इसमें शामिल किए गए. खास बात यह थी कि यह सभी इवेंट सिंगल मुकाबले थे यानी इसमें कोई भी टीम इवेंट शामिल नहीं था.

इस पहले ब्रिटिश एम्पायर गेम्स में कुल 11 देशों के 400 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया. इन खिलाड़ियों के ठहरने और प्रैक्टिस के लिए हैमिल्टन के एक सिविक स्टेडियम के पास स्थित प्रिंस ऑफ वेल्स स्कूल को एथलीट्स विलेज बना दिया गया. हैरत की बात यह थी कि यहां एक-एक क्लासरूम में करीब दो-दो दर्जन खिलाड़ियों के ठहरने का इंतजाम किया गया था.

खिलाड़ियों के लिए बुनियादी सुविधाओं का अभाव था और पूरा इवेंट भी बेहद साधारण था. हालांकि उस दौर के हिसाब से इस आयोजन पर कोई ज्यादा शिकायत नहीं मिली. इस पहले आयोजन की खास बात यह भी थी कि महिलाओं ने यहां महज स्विमिंग के इवेंट्स में हिस्सा लिया था.

जिस तरह नाम से ही जाहिर था कि इस ब्रिटिश एम्पायर गेम्स में उन्हीं देशों ने हिस्सा लिया था जो उस वक्त तक ब्रिटेन के उपनिवेश थे या पहले कभी उपनिवेश रहे थे. इस प्रतियोगिता में ऑस्ट्रेलिया, बरमूडा, ब्रिटिश गयाना, कनाडा, इंग्लैंड, नॉर्दन आयरलैंड, न्यूफ़ाउंड लैंड, न्यूज़ीलैंड, स्कॉटलैंड, दक्षिण अफ्रीका और वेल्स शामिल थे. इस इवेंट में एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, लॉन बॉल्स, रोइंग, स्विमिंग, डाइविंग, कुश्ती और दौड़ प्रतियोगिताएं शामिल की गईं थीं. इस पूरे आयोजन पर उस दौर में कुल 97,973 डॉलर यानी 78 लाख रूपये का खर्च आया था.

इस पहले ब्रिटिश एम्पायर गेम्स में कुल 165 पदक दांव पर थे, जिसमें इंग्लैंड को 25 गोल्ड समेत कुल 61 पदक मिले थे, जबकि मेजाबान कनाडा के हिस्से 20 गोल्ड के साथ कुल 54 पदक आए थे. ऑस्ट्रेलिया यहां तीसरे स्थान पर रहा था. ऑस्ट्रेलिया को तीन गोल्ड के साथ आठ पदक मिले थे.

यह भी पढ़ें..

Ben Stokes ODI Retirement: इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ने बेन स्टोक्स के संन्यास के लिए ICC को माना जिम्मेदार, कही ये बड़ी बात

Zlatan Ibrahimovic: 41 की उम्र के बाद भी फुटबॉल मैदान में डटे रहेंगे इब्राहिमोविच, एसी मिलान ने बढ़ाया कॉन्ट्रैक्ट

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

वैभव सूर्यवंशी के सामने आ गया तेंदुआ ! भारतीय क्रिकेटर ने यूं उठाया सफारी का मजा
वैभव सूर्यवंशी के सामने आ गया तेंदुआ ! भारतीय क्रिकेटर ने यूं उठाया सफारी का मजा
IND vs SL: दूसरे दिन का खेल खत्म, भारत हावी; देवदत्त पडिक्कल का शतक; गुरनूर बराड़ बल्ले से चमके
दूसरे दिन का खेल खत्म, भारत हावी; देवदत्त पडिक्कल का शतक; गुरनूर बराड़ बल्ले से चमके
5 टेस्ट खेलने भारत आएगी ऑस्ट्रेलियाई टीम, नोट कर लीजिए पूरा शेड्यूल
5 टेस्ट खेलने भारत आएगी ऑस्ट्रेलियाई टीम, नोट कर लीजिए पूरा शेड्यूल
भारतीय खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने पर एक्शन में आया BCCI, ले डाला ये बड़ा फैसला
भारतीय खिलाड़ियों के लगातार चोटिल होने पर एक्शन में आया BCCI, ले डाला ये बड़ा फैसला

वीडियोज

Govinda संग Komal Rani Swarnkar हुईं स्पॉट, 4 साल की Dating Rumours फिर चर्चा में
Bhojpuri Bawal में Kajal Raghwani पर भड़के Nirahua, बोले- ‘आप उसी के लायक हो’
Pati Brahmachari: 😯Suraj का फिर दिखा पुराना 'राउडी' अवतार, Isha संग मिलकर मिशन पर निकला हीरो #sbs
Bollywood News: भारतीय फैंस से 2 दिन पहले विदेशी दर्शक देखेंगे 'रामायण', जानें मेकर्स की इस खास रिलीज स्ट्रेटजी के पीछे की वजह (08.08.26)
Ramayana का Global Release! Devendra Fadnavis बोले- Oscar नहीं मिला तो होगी निराशा

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
महिला आरक्षण पर BJP के साथ आई ये विपक्षी पार्टी, रिजिजू बोले - 'आपने...'
महिला आरक्षण पर BJP के साथ आई ये विपक्षी पार्टी, रिजिजू बोले - 'आपने...'
अतीक अहमद का बेटा आबान सुपुर्द-ए-खाक, जेल से जनाजे में आए दोनों भाई
अतीक अहमद का बेटा आबान सुपुर्द-ए-खाक, जेल से जनाजे में आए दोनों भाई
कौन हैं Shaik Rasheed, जिन्हें श्रीलंका टेस्ट सीरीज में साई सुदर्शन की जगह मिल सकता है मौका?
कौन हैं Shaik Rasheed, जिन्हें श्रीलंका टेस्ट सीरीज में साई सुदर्शन की जगह मिल सकता है मौका?
DC OTT Release: लोकेश कनगराज- वामिका गब्बी की DC ओटीटी पर कब और कहां होगी रिलीज, जानें-डिटेल्स
लोकेश कनगराज- वामिका गब्बी की DC ओटीटी पर कब और कहां होगी रिलीज, जानें-डिटेल्स
JPSC मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, दोबारा परीक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग
JPSC मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, दोबारा परीक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग
जल्द जारी हो सकता है UPTET रिजल्ट, लाखों उम्मीदवार कर रहे इंतजार
जल्द जारी हो सकता है UPTET रिजल्ट, लाखों उम्मीदवार कर रहे इंतजार
ईरान जंग से बाहर नहीं निकला अमेरिका तो..., सीक्रेट मीटिंग में ट्रंप के जनरल ने चेताया
ईरान जंग से बाहर नहीं निकला अमेरिका तो..., सीक्रेट मीटिंग में ट्रंप के जनरल ने चेताया
Co-Funder Hires The Taxi Driver: टैक्सी ड्राइवर बना कंपनी का पहला कर्मचारी, आज बड़े पद पर
टैक्सी ड्राइवर बना कंपनी का पहला कर्मचारी, आज बड़े पद पर
Embed widget