छत्तीसगढ़ का उत्तरी क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है. अपार खनिज संपदा के साथ वनों की खूबसूरत हरियाली यहां की पहचान है. ग्रामीण बसाहटों में आदिवासियों की संस्कृति और परंपरा भी खास है. इसलिए छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा की चर्चा आम है.
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सरगुजा और बस्तर इन दोनों जगहों पर प्राकृतिक खूबसूरती का अनुपम उपहार है, जिसकी देश ही नहीं विदेशों तक पहचान है. उन्हीं में से एक जशपुर का रजपुरी जलप्रपात है.
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जशपुर के घने जंगलों में एक खूबसूरत जलप्रपात है. इस जलप्रपात की ऊंचाई लगभग 100 फीट है. जिसे दूर से देखने पर काफी खूबसूरत नजर आता है.
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सर्दी और गर्मी के महीनों में झरने का पानी एकदम दूध की तरह सफेद नजर आता है. वहीं झरने के पास में ही जलधारा को करीब से देखने के लिए टॉवर भी बनाया गया है.
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वहीं इस जलप्रपात के पास छोटे आकार का शिव मंदिर भी है जो काफी प्राचीन है. इस मंदिर पर भी लोग पूजा करने पहुंचते है.
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रजपुरी जलप्रपात की खूबसूरती हर मौसम में बरकरार रहती है. यहां हर वर्ष महाशिवरात्रि में भव्य मेला लगता है. जिसमें दूर-दूर से लोग शामिल होते हैं. यह जलप्रपात पिकनिक स्पॉट है इसलिए लोग तीज त्यौहारों पर लोग यहां पिकनिक मनाने पहुंचते हैं.
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जलप्रपात के पास में पर्यटकों के लिए काफी सुविधाएं विकसित की गई है. जिसमें सामुदायिक भवन, बैठने की व्यवस्था, साथ ही जलप्रपात का खूबसूरत दृश्य देखने के लिए वॉच टावर का निर्माण कराया गया है. यहां स्थानीय लोगों के साथ-साथ प्रदेश के अलग-अलग जगहों से लोग पिकनिक मनाने आते हैं.
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रजपुरी का झरना जशपुर में सबसे प्रभावी स्थलों में से एक है. इस झरना में मछली पकड़ने की पर्याप्त गुंजाइश है. यहां पर्यटक उत्साह से मछली पकड़ सकते हैं. ये कुल मिलाकर एक शांत वातावरण के लिए उपयुक्त स्थान है. ये आदिवासी और उनके छोटे बस्तियों के लिए अलग आकर्षण का केंद्र है.
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रजपुरी जलप्रपात जशपुर जिला मुख्यालय से 90 किलोमीटर दूर बगीचा के पास स्थित है. जलप्रपात तक बाइक, बस या खुद की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था से आसानी से पहुंचा जा सकता है.