एक्सप्लोरर

आख़िर क्या है वो शटडाउन जिसकी वजह से अमेरिका में मचा है बवाल और ये क्यों हुआ है, जानें- हर एक बात

अमेरिकी शटडाउन के लंबे खिंच जाने की वजह से चौतरफा इसकी चर्चा हो रही है. इसकी वजह से लाख़ों लोगों की नौकरियों के ऊपर तलवार लटक रही है. वहीं, लाख़ों लोगों को छुट्टी पर भेजा जा चुका है. लोगों की ज़रूरतों से जुड़े कई विभागों को बंद करना पड़ा है. हालांकि, इंमरजेंसी सेवाएं इसके असर से बाहर हैं.

अमेरिकी शटडाउन के लंबे खिंच जाने की वजह से चौतरफा इसकी चर्चा हो रही है. इसकी वजह से लाख़ों लोगों की नौकरियों के ऊपर तलवार लटक रही है. वहीं, लाख़ों लोगों को छुट्टी पर भेजा जा चुका है. लोगों की ज़रूरतों से जुड़े कई विभागों को बंद करना पड़ा है. हालांकि, इंमरजेंसी सेवाएं इसके असर से बाहर हैं. लेकिन आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. अगर ये लंबे समय तक जारी रहा तो इसका असर सिर्फ अमेरिका ही नहीं बल्कि पूरे विश्व पर पड़ेगा. लेकिन आख़िर ये शटडाउन होता क्या है? आइए, आपको बताते हैं-

अमेरिकी सरकार का शटडाउन क्या है जब अमेरिकी कांग्रेस सरकारी कामकाज और एजेंसियों के लिए पर्याप्त फंडिंग पास करने में असमर्थ होती है तो शटडाउन लागू हो जाता है. इस दौरान ज़्यादातर सेवाएं बंद हो जाती हैं. हालांकि, ऐसी सेवाएं जिनके बिना गुज़ारा नहीं हो सकता उन्हें जारी रखा जाता है. जैसे होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट और एफबीआई का काम.

शटडाउन के दौरान 40% सरकारी लोगों को अनपेड फरलो यानी बिना पैसे की छुट्टी पर भेज दिया जाता है और उनस किसी तरह का काम नहीं करने को कहा जाता है. इनमें से लगभग सभी गैर-रक्षा क्षेत्र के कर्मचारी होते हैं. फौज और ऐसी सेवाओं से जुड़े कर्मचारी फर्लो पर नहीं होते हैं.

सरकार को शटडाउन क्यों करना पड़ता है सरकारी कामकाज जारी रखने के लिए खर्च से जुड़े बिल में कौन सी बात शामिल की जानी चाहिए और कौन सी नहीं, इसे लेकर कांग्रेस के सदस्यों में मतभेद होता है. दरअसल, डेमोक्रेट्स का ज़ोर इस बात पर है कि किसी भी समझौते में अमेरिका के 700,000 के करीब ड्रीमर्स का संरक्षण भी शामिल होना चाहिए. ड्रीमर्स उन्हें बुलाया जाता है जो बिना दस्तावेज वाले अप्रवासी हैं और अपने बचपन में अमेरिका में लाए गए थे.

बराक ओबामा के कार्यकाल के दौरान ड्रीमर्स को टेंपररी लीगल स्टेटस यानी अस्थायी तौर पर कानून मान्यता मिल गई थी. ट्रंप ने पिछले साल सितंबर में इसे पलट दिया जिससे उनके ऊपर डिपोर्टेशन यानी अमेरिका से बाहर भेजे जाने का ख़तरा मंडराने लगा. ट्रंप का पक्ष है कि इमिग्रेशन एक अलग मुद्दा है और उससे अलग से निपटा जा सकता है. हालांकि, ये साफ नहीं है कि ड्रीमर्स के ऊपर शटडाउन के लिए डेमोक्रेट्स के पास वोट्स है या नहीं.

कब कब हुआ शटडाउन 1981 से अब तक अमरिका में 13 शटडाउन हुए हैं. सबसे लंबा शटडाउन बिल क्लिंटन के कार्यकल में हुआ जो कि 21 दिनों तक चला. ये शटडाउन इस वजह से हुआ था क्योंकि हाउस के स्कीम में बेलफेयर बजट कम करने की बात की गई थी. पिछला शटडाउन ओबामा के कार्यकाल में 2013 में हुआ था. ये इस वजह से हुआ था क्योंकि तब की विपक्षी पार्टी डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन ने ओबामाकेयर के लिए बजट देने से इंकार कर दिया था.

इसके परिणाम क्या होंगे? इस शटडाउन की वजह से अमेरिकी सरकार को हर हफ्ते 6.5 बिलियन डॉलर का नुकसान होगा. ये आंकलन एस एंड पी द्वारा जारी की गई एक रिपोर्ट पर आधारित है. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि इसका अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर काफी बुरा असर पड़ेगा. इस शटडाउन की वजह से लगभग एक मिलियन यानी 10 लाख़ अमेरिकी कर्मचारियों को समय से तनख्वाह नहीं मिलेगी. पिछले शटडाउन के बाद कर्मचारियों को उनके बाकी पैसे तो मिल गए थे लेकिन इनमें से कई में काफी देर की बात आई थी.

ये भी देखें

मास्टर स्ट्रोक: हैकर सैय्यद शुजा के सनसनीखेज दावे पर देखिए ABP न्यूज की बड़ी तहकीकात

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

उत्तरी अफगानिस्तान में हाईवे पर भीषण एक्सीडेंट, तीन लोगों की मौत
उत्तरी अफगानिस्तान में हाईवे पर भीषण एक्सीडेंट, तीन लोगों की मौत
US-Israel Strikes On Iran: इजरायल के PM नेतन्याहू के दफ्तर पर मिसाइल से हमला? ईरान का बड़ा दावा
US-Israel Strikes On Iran: इजरायल के PM नेतन्याहू के दफ्तर पर मिसाइल से हमला? ईरान का बड़ा दावा
अबू धाबी: ईरानी हमले के बीच 9 मार्च तक बंद रहेगा BAPS हिंदू मंदिर, 2 साल पहले PM मोदी ने किया था उद्घाटन
अबू धाबी: ईरानी हमले के बीच 9 मार्च तक बंद रहेगा BAPS हिंदू मंदिर, PM मोदी ने किया था उद्घाटन
इसे कहते हैं मेहमाननवाजी! वॉर के बाद फ्लाइट कैंसिल होने पर अबू धाबी में होटल स्टे हुआ फ्री
इसे कहते हैं मेहमाननवाजी! वॉर के बाद फ्लाइट कैंसिल होने पर अबू धाबी में होटल स्टे हुआ फ्री

वीडियोज

Israel Iran War: खामेनेई की मौत से जल उठा Pakistan ! | Khamenei | Trump । Iraq Protest | Breaking
Israel Iran War: Beirut में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर इजरायली सेना का बड़ा हमला| Netanyahu | Trump
Israel Iran War: Khamenei को इजरायली फोर्स IDF ने बताया आतंकी | Netanyahu | Trump
Israel Iran War: B2 बॉम्बर की एंट्री..तबाह हो जाएगा ईरान! | Khamenei | Trump | Netanyahu | Breaking
Khamnei Death: Trump को खुली धमकी..खामेनेई की मौत से गुस्से में ईरान | Iran Israel War | Khamenei

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
Iran-Isarel News: ईरान पर सपा और कांग्रेस के 2 मुस्लिम सांसदों के बयान से हलचल, कहा- इस्लाम न कभी...
ईरान पर सपा और कांग्रेस के 2 मुस्लिम सांसदों के बयान से हलचल, कहा- इस्लाम न कभी...
'सूर्यकुमार यादव से आखिरी ओवर में बॉलिंग की उम्मीद....', CJI सूर्यकांत ने T-20 मैचों पर क्या और क्यों कहा, जानें
'सूर्यकुमार यादव से आखिरी ओवर में बॉलिंग की उम्मीद....', CJI सूर्यकांत ने T-20 मैचों पर क्या और क्यों कहा, जानें
कब और कहां खेले जाएंगे सेमीफाइनल के मुकाबले? किससे होगा भारत का मैच? जानें टी20 वर्ल्ड कप की सारी डिटेल्स
कब और कहां खेले जाएंगे सेमीफाइनल के मुकाबले? किससे होगा भारत का मैच? जानें डिटेल्स
Iron Beam: न रॉकेट, न ड्रोन... सिर्फ एक लेजर से दुश्मन खत्म! कैसा है इजरायल का आयरन बीम वाला हथियार, पहली बार हुआ इस्तेमाल
न रॉकेट, न ड्रोन... सिर्फ एक लेजर से दुश्मन खत्म! कैसा है इजरायल का आयरन बीम वाला हथियार, पहली बार हुआ इस्तेमाल
दुबई में बसीं कसौटी जिंदगी की फेम एरिका फर्नांडिस ने बताए हालात, बोलीं- ये डरावना है, मेरा दिल रो रहा
दुबई में बसीं कसौटी जिंदगी की फेम एरिका फर्नांडिस ने बताए हालात, बोलीं- ये डरावना है, मेरा दिल रो रहा
Israel Attack On Iran: अमेरिका संग जंग में कौन सी मिसाइलें दाग रहा ईरान, कहां तक पहुंच, ये रही पूरी लिस्ट
अमेरिका संग जंग में कौन सी मिसाइलें दाग रहा ईरान, कहां तक पहुंच, ये रही पूरी लिस्ट
क्या है दिल्ली सरकार की लखपति बिटिया योजना, इसमें लड़कियों के खाते में आएंगे कितने रुपये? 
क्या है दिल्ली सरकार की लखपति बिटिया योजना, इसमें लड़कियों के खाते में आएंगे कितने रुपये? 
लखपति बिटिया योजना का कौन उठा सकता है लाभ, जानें कौन से डॉक्यूमेंट होने जरूरी?
लखपति बिटिया योजना का कौन उठा सकता है लाभ, जानें कौन से डॉक्यूमेंट होने जरूरी?
Embed widget