US Iran War: मिडिल ईस्ट के देशों पर अब तक 3 हजार से ज्यादा मिसाइलें दाग चुका है ईरान, कब तक चलेगा युद्ध?
अमेरिका-इजरायल की ईरान से जंग को 3 सप्ताह बीत चुके हैं लेकिन इसके बावजूद सीजफायर की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है. तेहरान की ओर से लगातार मिडिल ईस्ट में मिसाइलें दागी जा रही हैं.

अमेरिका-इजरायल की ईरान से जंग को 3 सप्ताह बीत चुके हैं. इस बीच तेहरान ने खाड़ी सहयोग देशों (GCC) पर 3000 से अधिक मिसाइलें दागी हैं, जिसने मिडिल ईस्ट में शिया-सुन्नी संघर्ष को और गहरा कर दिया है. विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाकर ईरान ने सभी सुन्नी बहुल जीसीसी देशों को अमेरिकी हमले का शिकार बना दिया है.
ईरान द्वारा डिएगो गार्सिया स्थित अमेरिकी अड्डे को निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल की गई मध्यम दूरी की मिसाइलों से अब ये साफ हो गया है कि भविष्य में ईरान यूरोपीय देशों को भी निशाना बना सकता है. सऊदी अरब ने खुले तौर पर ईरान पर अविश्वास व्यक्त किया है, वहीं अन्य जीसीसी देश गुस्से में हैं क्योंकि ईरानी आक्रमण से उनकी तेल अर्थव्यवस्थाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. स्थिति ज्यादा खराब होने पर ये 6 देश जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं.
होर्मुज स्ट्रेट खोलना अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती
होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की स्वतंत्रता बहाल करना अमेरिका के लिए बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप को फारस की खाड़ी में महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को फिर से खोलने में यूरोपीय सहयोगियों और जापान से समर्थन का आश्वासन मिला है. अमेरिका जानता है कि ईरान के खिलाफ युद्ध तभी जारी रह सकता है जब फारस की खाड़ी में वैश्विक तेल यातायात बहाल हो जाए.
आईआरजीसी झुकने को तैयार नहीं
अमेरिका और इजरायल दोनों के निशाने पर होने के बावजूद ईरान की आईआरजीसी ने अबतक आत्मसमर्पण का कोई संकेत नहीं दिया है बल्कि मिडिल ईस्ट में मिसाइलें दागना जारी है. ईरान ने युद्ध से पहले ही चीन और रूस की मदद से खाड़ी क्षेत्र में अपने लक्ष्यों को जीपीएस के इस्तेमाल से चिह्नित कर लिया था, क्योंकि सभी टारगेट पर सटीक हमले किए गए हैं.
ईरान का अगला हमला किससे होगा
इजरायल के खिलाफ ईरान क्लस्टर बम मिसाइलों का उपयोग कर रहा है, इसलिए यह समझना मुश्किल नहीं है कि तेहरान अगले कदम के रूप में मल्टीपल इंडिपेंडेंट रीएंट्री व्हीकल्स (एमआईआरवी) वॉरहेड्स का प्रयोग कर सकता है. एमआईआरवी मिसाइलों का मुकाबला करना बहुत मुश्किल है क्योंकि सभी छोटे वॉरहेड्स एक साथ छोड़े जाते हैं, जिससे उन्हें एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम से रोका नहीं जा सकता.
ये भी पढ़ें
ईरान में अब तक 2000 लोगों की मौत, अमेरिका-इजरायल पर भड़का तेहरान, जानें क्या कहा



















