भारत के न्यूक्लियर प्रोग्राम से पाकिस्तान को क्यों लग रहा डर, किया दावा- हर साल 300 एटम बम बनाएगा इंडिया और पूरे...
जाहिर काजमी ने कहा कि भारत का नया पीएफबीआर हथियारों के ग्रेड वाले प्लूटोनियम के उत्पादन को बहुत ज्यादा बढ़ा देगा, जिससे भारत भविष्य में हर साल 300 परमाणु हथियार बनाने में सक्षम हो जाएगा.

परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में भारत की नई सफलता ने पाकिस्तान की टेंशन बढ़ा दी है. भारत के तमिलनाडु के कलपक्कम में स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली है. इस बात से पाकिस्तान के आर्म्स कंट्रोल एडवाइजर और स्ट्रेटजिक प्लान डिविजन के सदस्य जाहिर काजमी बुरी तरह बौखला गए हैं और आरोप लगा रहे हैं कि भारत इस क्षमता को हासिल करने के बाद तेजी से प्लूटोनियम परमाणु बमों का निर्माण कर सकता है.
न्यूक्लियर रिएक्टर में क्रिटिकैलिटी वह अवस्था होती है, जब परमाणु ईंधन में होने वाली विखंडन श्रंखला प्रतिक्रिया स्थिर हो जाती है और बगैर बाहरी मदद के लगातार जारी रहती है. जाहिर काजमी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसे लेकर एक पोस्ट किया है.
पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया है, 'भारत का अनसेफगार्ड न्यूक्लियर प्रोग्राम, जिसमें नया और बेहद अहम पीएफबीआर और आठ पीएचडब्ल्यूआर शामिल हैं, वो उसके परमाणु हथियार बनाने की क्षमता को काफी बढ़ा देता है.' उन्होंने आरोप लगाया कि भारत का नया पीएफबीआर हथियारों के ग्रेड वाले प्लूटोनियम के उत्पादन को बहुत ज्यादा बढ़ा देगा और इसके साथ भारत भविष्य में हर साल 300 परमाणु हथियार बनाने में सक्षम हो जाएगा.
जाहिर काजमी ने अग्नि-V और अग्नि-VI जैसी मिसाइलों का नाम लेकर यूरोपीय देशों को भी डर दिखाने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि इन मिसाइलों की मारक क्षमता 8000 किलोमीटर तक है, जो यूरोप के अंदरूनी हिस्सों और उससे भी आगे तक निशाना साध सकती हैं. उन्होंने आरोप लगाया, 'करीब 480-2600 परमाणु हथियारों के जखीरे, सैकड़ों किलो ग्राम हथियार-ग्रेड प्लूटोनियम, कई टन HEU और दोहरी क्षमता वाली अग्नि मिसाइलों के बढ़ते जखीरे के साथ मिलकर भारत पूरी दुनिया में अस्थिरता पैदा करने वाला बड़ा कारक बन गया है.'
जाहिर काजमी ने आरोप लगाया, '2008 की एनएसजी छूट और तथाकथित नागरिक-सैन्य अलगाव योजना ने असल में उस जिन्न को बोतल से बाहर निकाल दिया. उन्होंने जिस फ्रेंकस्टीन के राक्षस को बनाने में मदद की है, वो अब और भी बड़ा होता जा रहा है और अब बस कुछ ही समय की बात है, जब उस फैसले के नतीजों को नजरअंदाज करना नामुमकिन हो जाएगा.'
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Source: IOCL


























