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'आईडी देखी और सेना के जवानों को मार दी गोली', जाफर एक्सप्रेस हाईजैक से रेक्स्यू लोगों ने बताया खौफनाक मंजर

Train Hijeck: बीएलए की मांग है कि उन्हें PAK से अलग किया जाए. यहां सरकार या सुरक्षा एजेंसी का कोई भी नुमांइदा नहीं होना चाहिए. BLA का ये भी मानना है कि चीनी प्रोजेक्ट से खनिजों का दोहन हो रहा है.

Pakistan Train Hijeck: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने मंगलवार (11 मार्च) को जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक कर करीब 200 यात्रियों को बंधक बना लिया. इस घटना के 24 घंटे होने वाले हैं, लेकिन अबतक पाकिस्तानी सुरक्षा बल बंधकों को रिहा नहीं करवा पाए हैं. पाक मीडिया के मुताबिक, अबतक सिर्फ 155 बंधकों की रिहाई हो पाई है और इस ऑपरेशन में 27 लड़ाके मारे गए हैं. 

बीएलए की कैद से रिहा हुए लोगों ने लड़ाकों की क्रूरता की कहानी सुनाई. एक शख्स ने बताया कि लड़ाकों ने ट्रेन में सवार लोगों की आईडी चेक की थी. यात्री ने कहा कि लड़ाकों के टारगेट पर पंजाबी मूल के लोग थे. उसने बताया कि सबसे पहले लड़ाकों ने आईडी कार्ड चेक किए. वे जानना चाहते थे कि कौन बलूचिस्तान का है और कौन दूसरे राज्य का. दूसरे यात्री ने कहा, 'वे लोग आए और आईडी चेक की. इसके अलावा सर्विस कार्ड भी चेक किए. मेरे सामने ही दो सैनिकों को गोली मार दी और बाकी चार को लेकर चले गए क्योंकि वो लोग पंजाब राज्य के रहने वाले थे.'

BLA के टारगेट पर पंजाब के लोग

ऐसा पहली बार नहीं है कि बीएलए के टारगेट पर पंजाबी हों, इससे पहले भी कई ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनमें बलूचों ने पंजाबी मूल के लोगों को रोककर उनकी हत्या की. कई बार उन्होंने हाईवे पर बसों को रोककर पंजाबी मूल के लोगों को गोली मार दी. दरअसल पंजाब मूल के लोग ही पाकिस्तान में टॉप पॉजिशन पर बने हुए हैं. राजनीति से लेकर सेना, ब्यूरोक्रेसी, न्यायपालिका समेत हर क्षेत्र में पंजाबी मूल के लोग टॉप पर हैं, जिसकी वजह से बीएलए का पंजाबी लोगों के खिलाफ गुस्सा रहा है. बीएलए का मानना है कि पंजाबी मूल के लोग बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करते हैं. 

बलूच आर्मी ने दी थी पाक सरकार को धमकी

बीएलए ने जिन यात्रियों को बंधक बनाया, उनमें सेना के जवान, अर्धसैनिक बल, पुलिस और खुफिया एजेंसियों के अधिकारी भी शामिल हैं. ट्रेन हाईजैक के बाद बीएलए ने बयान जारी कर पाकिस्तान सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था. बीएलए ने मांग की थी कि जो बलूच नेता पाकिस्तान की जेलों में बंद हैं उन्हें रिहा कर दिया जाए तो हम सभी बंधकों को छोड़ देंगे. इसके अलावा बलूचों ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को लेकर भी धमकी दी थी कि उन्हें बलूचिस्तान छोड़कर चला जाना चाहिए. अगर पाकिस्तान की सेना ने किसी तरह की कार्रवाई की तो हम सभी बंधकों को मार डालेंगे. 

धमकी के बाद भी पाक सेना ने शुरू किया ऑपरेशन

बलूच लिबरेशन आर्मी की धमकी के बावजूद पाकिस्तान की सेना ने अपने लोगों को बचाने के लिए ऑपरेशन शुरू किया. पाक मीडिया के मुताबिक, अबतक 155 बंधकों को रिहा करवा दिया गया है और 27 लड़ाके मारे जा चुके हैं. हालांकि बीएलए का दावा है कि इस ऑपरेशन में पाक सेना के 30 जवानों की मौत हो चुकी है, जबकि हमारा एक भी आदमी नहीं मारा गया है. ट्रेन हाईजैक की घटना प अबतक पाकिस्तान की सेना या पुलिस ने आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की. 

क्या BLA ने महिलाओं-बच्चों को छोड़ा? मंत्री ने दिया जवाब

बीएलए के लड़ाकों ने दावा किया था कि उन्होंने महिलाओं और बच्चों को रिहा कर दिया है, लेकिन पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनके दावे का खंडन कर दिया. गृह राज्यमंत्री ने कहा कि बंधकों को सुरक्षाबलों ने छुड़ाया है, जिसे इलाके में ट्रेन को रोका गया है, वहां के पुलिस अधिकारी राणा मोहम्मद दिलावर ने बताया कि सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है, लेकिन ऐसी खबरें हैं कि उन्होंने कुछ महिलाओं और बच्चों को बंधक बना लिया है.

यह भी पढ़ें- बीएलए के अल्टीमेटम का आधा टाइम खत्म, सिर्फ 155 बंधकों का रेस्क्यू; PAK सेना के लिए चुनौती बना ये ऑपरेशन

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